Business Desk – गणेश उत्सव का समापन अब होने वाला है। 10 दिनों तक घर और पंडालों में विराजमान गणपति बप्पा को अनंत चतुर्दशी के दिन विदाई दी जाएगी। अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को है। इस दिन गणपति विसर्जन किया जाएगा। लेकिन कई बार गणेश उत्सव के बीच परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है। घर में सूतक या मृत्युजन्य लग जाता है। ऐसी स्थिति में परिवार के लोगों के मन में सवाल आता है कि गणपति बप्पा का विसर्जन कैसे करें?

घर में मृत्यु हो जाए तो क्या करें?
अगर गणेश जी के घर में विराजमान होने के बाद परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है और इसके बाद सूतक लग जाता है, तो परिवार की अपनी परंपरा और कुलाचार के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाती है। ऐसी स्थिति में जिन लोगों पर शोक है, वे सामान्य पूजा-पाठ से दूर रह सकते हैं। गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए परिवार किसी ऐसे सदस्य की मदद ले सकता है। जिस पर यह सूतक लागू न हो। वह परिवार की परंपरा के अनुसार गणपति की विदाई और विसर्जन की जिम्मेदारी निभा सकता है। अधिकतर परिवार की परंपरा में यह कार्य बहन-बेटी करती है।
बड़े अनुष्ठान की जगह श्रद्धा से दें विदाई
अगर परिवार का कोई सदस्य पूजा नहीं कर सकता, तो गणपति विसर्जन के लिए बड़े अनुष्ठान को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं। परिवार के सदस्य मन ही मन गणपति बप्पा को प्रणाम करें। उनसे क्षमा प्रार्थना करें। जिस व्यक्ति को विसर्जन की जिम्मेदारी दी गई है, वह परंपरा के अनुसार आवश्यक पूजा या उत्तर पूजा करके गणपति की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जा सकता है। परिवार के अन्य सदस्य दूर से ही बप्पा को प्रणाम करके उनके मंगल आर्शीवाद की प्रार्थना कर सकते हैं।
गणपति विसर्जन कब किया जाएगा
अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है। दस दिवसीय गणेश उत्सव का मुख्य समापन इसी दिन होगा। घरों तथा सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। हालांकि जिन घरों में डेढ़, तीन, पांच या सात दिन के गणपति स्थापित करने की परंपरा है, वहां उसी परंपरा के अनुसार पहले भी विसर्जन किया जा चुका है। इसलिए घर में सूतक की स्थिति बनने पर अपनी पारिवारिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए गणपति बप्पा को श्रद्धा के साथ विदाई दी जा सकती है।



