Lifestyle Desk : दिवाली खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ जश्न मनाने का त्योहार है। लेकिन जहां इंसान इस त्योहार का आनंद लेते हैं, वहीं पटाखों की तेज आवाज, धुआं और प्रदूषण बेजुबान जानवरों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। खासकर डॉगी यानी पालतू कुत्ते तेज आवाज से डर जाते हैं। पटाखों के शोर से उन्हें घबराहट, बेचैनी और तनाव हो सकता है। वहीं, हवा में फैला धुआं उनकी सेहत पर भी बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में दिवाली पर अपने प्यारे पेट को सुरक्षित और तनावमुक्त रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ आसान टिप्स, जिनकी मदद से आप अपने डॉगी को पटाखों और प्रदूषण से बचा सकते हैं।
डॉगी को घर के अंदर रखें
दिवाली के दिन पटाखों का शोर देर रात तक सुनाई दे सकता है। ऐसे में अपने डॉगी को घर के बाहर, छत या बालकनी में अकेला न छोड़ें। उसे घर के किसी शांत और सुरक्षित कमरे में रखें, जहां पटाखों की आवाज अपेक्षाकृत कम सुनाई देती हो। खिड़की और दरवाजे बंद रखें, ताकि धुआं और तेज आवाज अंदर कम आए। साथ ही, कमरे में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था भी बनाए रखें।
घर में बनाएं एक सुरक्षित कोना
पटाखों की आवाज से डरने पर कुत्ते अक्सर छिपने की जगह तलाशते हैं। इसलिए घर में उनके लिए एक आरामदायक और सुरक्षित कोना तैयार करें। वहां उनका पसंदीदा बिस्तर, कंबल, खिलौने और पानी का कटोरा रख दें। अगर आपका डॉगी किसी खास जगह पर जाकर आराम महसूस करता है, तो उसे वहीं रहने दें। जब वह डरा हुआ हो, तो उसे जबरदस्ती बाहर निकालने की कोशिश न करें।
पटाखे जलाते समय डॉगी को दूर रखें
पटाखों की तेज आवाज के अलावा उनसे निकलने वाली चिंगारी और गर्म राख भी कुत्तों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए डॉगी को पटाखे जलाने वाली जगह से दूर रखें। बच्चों को भी समझाएं कि वे उसके पास पटाखे न जलाएं और न ही उसे डराने के लिए पटाखों का इस्तेमाल करें। पटाखों के बचे हुए टुकड़ों को भी तुरंत साफ करें, ताकि डॉगी उन्हें सूंघने या मुंह में लेने से बच सके।
धुएं और प्रदूषण से ऐसे करें बचाव
दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता खराब कर सकता है। इससे कुत्तों को खांसी, छींक, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। प्रदूषण ज्यादा होने पर डॉगी को बाहर घुमाने से बचें। उसे घर के अंदर ही खेलने और शारीरिक गतिविधि करने का मौका दें। अगर बाहर ले जाना जरूरी हो, तो कम प्रदूषण और कम शोर वाले समय में थोड़ी देर के लिए ले जाएं। ध्यान रखें कि इंसानों के मास्क की तरह सामान्य मास्क कुत्तों पर इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
डॉगी को अकेला न छोड़ें
पटाखों के शोर से घबराकर कुत्ते अचानक भागने या छिपने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में दिवाली के दौरान उन्हें अकेला छोड़ने से बचें। उनके साथ समय बिताएं और शांत आवाज में बात करें। अगर आपका डॉगी आपके पास आकर बैठना चाहता है, तो उसे प्यार और सहारा दें। उसे डांटने या डर के लिए सजा देने से बचें, क्योंकि इससे उसकी घबराहट बढ़ सकती है।

खाने-पीने की चीजों का रखें ध्यान
दिवाली पर घर में मिठाइयां, चॉकलेट और कई तरह के पकवान रखे जाते हैं। लेकिन इनमें से कुछ चीजें कुत्तों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। खासकर चॉकलेट, अंगूर, किशमिश और जाइलिटॉल युक्त खाद्य पदार्थ डॉगी के लिए जहरीले हो सकते हैं। इसलिए मिठाइयां और अन्य पकवान उसकी पहुंच से दूर रखें। उसके लिए ताजा पानी और नियमित डॉग फूड उपलब्ध रखें।
परेशानी दिखने पर तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
अगर पटाखों के दौरान आपका डॉगी लगातार कांप रहा है, बहुत ज्यादा बेचैन है या असामान्य व्यवहार कर रहा है, तो उस पर ध्यान दें। सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी, बेहोशी या आंखों में गंभीर जलन जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। अगर उसे पटाखे या कोई संदिग्ध चीज खाने का शक हो, तो भी देर न करें। बिना डॉक्टर की सलाह के उसे कोई दवा या शांत करने वाली दवा न दें।
दिवाली को बनाएं सभी के लिए खुशहाल
दिवाली का असली आनंद तभी है, जब हमारी खुशियों से किसी बेजुबान को परेशानी न हो। थोड़ी-सी सावधानी, प्यार और समझदारी से आप अपने डॉगी को पटाखों के शोर और प्रदूषण से सुरक्षित रख सकते हैं। इस दिवाली रोशनी और खुशियां बांटें, ताकि इंसानों के साथ-साथ हमारे प्यारे पेट्स भी सुरक्षित और खुश रहें।

