चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन काफी हंगामेदार रहा। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा महिलाओं को लेकर की गई एक कथित विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने सदन में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों और खैरा के बीच तीखी बहस और नारेबाजी के चलते स्पीकर कुलतार सिंह संधवा को सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

विवाद की जड़: ₹1,000 की योजना और सोशल मीडिया पोस्ट

विवाद की शुरुआत महिलाओं को ₹1,000 देने की योजना पर सुखपाल खैरा द्वारा किए गए एक पोस्ट से हुई। ‘आप’ ने इसे दलित महिलाओं और मातृत्व का अपमान बताया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सदस्य बार-बार महिलाओं का अपमान करते हैं। उन्होंने खैरा के पुराने बैंड-बाजा वाले बयान का भी हवाला दिया और कहा कि इन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं।

सदन में ‘शेम-शेम’ के नारे और तीखी नोकझोंक

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, ‘आप’ विधायकों ने खैरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और शेम-शेम के नारे लगाए। इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा और सुखपाल खैरा के बीच जुबानी जंग काफी व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गई। चीमा ने कहा कि ये लोग मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। ये हमारी माताओं-बहनों की कोख तक पर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने खैरा को ‘बदमाश’ तक कह दिया, जिस पर खैरा ने भी पलटवार किया। चीमा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वह एक मजदूर परिवार से हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि खैरा दलितों और मजदूरों को ‘बंधुआ मजदूर’ कहकर उनका अपमान करते हैं। बहस इतनी बढ़ गई कि चीमा ने खैरा की 12वीं की डिग्री पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए उन पर तेल और तिरपाल चोरी के तंज कसे। चीमा ने यहां तक कह दिया कि, मैं खर्चा दूंगा, आप अपना इलाज करवा लो।

कांग्रेस से माफी की मांग

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना महिला सशक्तिकरण के लिए है, लेकिन जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कोख और वंश को लेकर किया गया है, वह निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि इस शर्मनाक बयान के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी को सदन और प्रदेश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।