अनिल मालवीय, ​सीहोर। नगर पालिका क्षेत्र मे नियम-विरुद्ध निर्माण कार्यों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शहर के व्यस्ततम नमक चौराहा के पास का है, जहां नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर खुदाई और गड्ढा खोदकर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। ​नगर पालिका के नियमों के अनुसार क्षेत्र में बेसमेंट बनाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद नमक चौराहा स्थित निर्माण स्थल पर विशालकाय गड्ढा खोदा गया है, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश और संशय की स्थिति बनी हुई है।

​वाटर टैंक या बेसमेंट उठ रहे गंभीर सवाल

​स्थानीय रहवासियों और आसपास के लोगों का कहना है कि वॉटर टैंक या सेप्टिक टैंक बनाने के बहाने इतना बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा जा रहा है, जो प्रथम दृष्ट्या अवैध बेसमेंट निर्माण जैसा दिखाई दे रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर टैंक बनाने के नाम पर इतने बड़े भू-भाग की खुदाई की इजाजत किसने दी और क्या यह बेसमेंट निर्माण को छिपाने का कोई पैंतरा है।

​शिकायत के बाद हरकत में आई नगर पालिका, पर नोटिस लेने से इंकार

​मामला तूल पकड़ने और नागरिकों के शिकायतों के बाद नगर पालिका अमला हरकत में आया और मौके पर जांच के लिए पहुंचा। हालांकि, जब नगर पालिका की टीम निर्माणकर्ता मकान मालिक को थमाने के लिए नोटिस लेकर पहुंची, तो मौके पर कोई भी नोटिस स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ। ​नोटिस न लेने के बावजूद निर्माण कार्य निर्बाध गति से जारी रहने पर नपा प्रशासन की कार्यशैली और कार्रवाई की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

​आसपास की इमारतों पर भी खतरे का अंदेशा

​तस्वीर से साफ ज़ाहिर हो रहा है कि तंग इलाके में सरियों के जाल और पिलर खड़े कर काफी गहराई तक खुदाई की गई है। इतने बड़े गड्ढे से आसपास के पुराने मकानों और संरचनाओं की नींव को भी खतरा पैदा हो सकता है। नागरिकों की मांग है कि प्रशासन और नगर पालिका अमला केवल नोटिस का औपचारिक खेल बंद करे और मौके पर तुरंत निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माण पर सख्त रोक लगाए। यदि नियम विरुद्ध बेसमेंट का निर्माण किया जा रहा है, तो संबंधितों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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