Dharam Desk :- तुलसी के पौधे को पवित्र और पूजनीय मानते है। मौसम में बदलाव या सही देखभाल न मिलने की वजह से कई बार तुलसी का पौधा सूख जाता है। ऐसे में लोग अक्सर इसे प्रयोग में न आने वाला समझकर फेंक देते हैं।धार्मिक परंपराओं में सूखी तुलसी को भी सम्मान देने की बात कही जाती है। कहा जाता है कि इसका उचित तरीके से उपयोग करने से घर का माहौल सुखद और शांत बना रहता।

1.सूखी तुलसी से बनाएं पवित्र दीपक

सूखी तुलसी की टहनियों को फेंकने की जगह उनका उपयोग दीपक जलाने में किया जा सकता है। इसके लिए सूखी और साफ टहनियों को छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें सूती धागे या मौली की सहायता से एक साथ बांध दें। इसके बाद इसे घी में भिगोकर कुछ समय के लिए रख दें ताकि लकड़ी अच्छी तरह घी सोख ले।अब इसे साफ मिट्टी के दीपक में रखकर भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाया जा सकता है।भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय है। इसलिए तुलसी से जुड़े इस दीपक को श्रद्धा के साथ जलाना शुभ माना जाता है।

2.एकादशी पर दीपक का महत्व

एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए खास माना जाता है।इस दिन भगवान विष्णु के समक्ष तुलसी की सूखी लकड़ी से दीपक जलाने से भक्त को पुण्य और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। दीपक जलाते समय भगवान विष्णु का ध्यान करके अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना की जा सकती है।

3.सूखी तुलसी को फेंकने के बजाय ऐसे करें उपाय

.तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख गया है और उसकी टहनियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो उसे कूड़ेदान में डालने के बजाय सम्मानपूर्वक मिट्टी में दबाया जा सकता है।

.पवित्र पौधों के अवशेषों को स्वच्छ स्थान पर रखने या मिट्टी में समर्पित करने की परंपरा मिलती है।

.दीपक जलाते समय साफ-सफाई और अग्नि सुरक्षा का भी खास ध्यान रखें।

.दीपक को हमेशा सुरक्षित जगह पर रखें और उसे जलता हुआ अकेला न छोड़ें।

.इस तरह सूखी तुलसी को बेकार समझकर फेंकने के बजाय श्रद्धा और सम्मान के साथ उसका उपयोग किया जा सकता है। इससे धार्मिक आस्था भी बनी रहती है और तुलसी के प्रति सम्मान भी कायम रहता है।