Dharm Desk : घर में सब कुछ ठीक चल रहा हो, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगें, परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव बढ़ जाए और मानसिक बेचैनी बनी रहे तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। ऐसे में लोग घर की सुख-शांति के लिए अलग-अलग धार्मिक उपाय करते है। पूजा-पाठ के साथ घर में दीपक जलाने और विशेष सामग्री की धूनी देने का भी उल्लेख मिलता है। ऐसा ही एक उपाय लाल दीपक, सरसों के तेल, काली राई और काले तिल से जुड़ा है। इस विधि में कुछ खास चीजों को एक साथ जलाकर पूरे घर में धूनी दी जाती है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग इसे घर की नकारात्मकता और शत्रुओं से जुड़ी बाधाओं से बचाव की कामना के साथ करते हैं।
लाल दीपक में डालें सरसों का तेल और ये सामग्री
इस उपाय के लिए लाल रंग का मिट्टी का दीपक लिया जाता है। सबसे पहले इसमें शुद्ध सरसों का तेल डालें। इसके बाद इसमें थोड़ी काली राई, कुछ दाने पीली सरसों, थोड़ा सादा नमक और काले तिल मिलाए जाते है । सभी सामग्रियों को एक साथ रखने के बाद कपूर की मदद से दीपक जलाया जाता है। इस विधि में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री का अपना धार्मिक महत्व बताया जाता है। सरसों और काले तिल का इस्तेमाल विशेष रूप से नकारात्मक प्रभावों से बचाव के उपायों में किया जाता है।
मुख्य द्वार से घर के कोनों तक दी जाती है धूनी
दीपक में रखी सामग्री से निकलने वाले धुएं को घर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की विधि बताई जाती है। इसमें घर का मुख्य द्वार, पूजा स्थल और कोने शामिल किए जाते हैं। इस दौरान परिवार की सुख-शांति और घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है।

शत्रुओं की बाधा और तंत्र-मंत्र के भय से जुड़ा उपाय
इस उपाय को लेकर प्रचलित धार्मिक मान्यता है कि सरसों, राई और काले तिल से तैयार धूनी घर के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने की कामना से दी जाती है। जिन लोगों को अपने आस-पास शत्रुओं के कारण परेशानी या बाधाओं का भय रहता है, वे भी इस तरह के उपायों में आस्था रखते हैं।
घर की अशांति और दुख-शोक से मुक्ति की कामना
परिवार में लगातार तनाव, आपसी अनबन और मानसिक परेशानी होने पर लोग पूजा-पाठ के जरिए शांति की प्रार्थना करते है। इस उपाय को भी इसी भावना से जोड़ा जाता है । हालांकि, इससे बीमारी ठीक होने या किसी के तंत्र-मंत्र का प्रभाव समाप्त होने की गारंटी नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

