Dharm Desk – जब किसी इंसान की कुंडली या पत्रिका में राहु-केतु की स्थिति खराब होती है। तो उसके जीवन में अचानक विपत्तियां, मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट और बीमारिया घेरने लगती हैं।यदि आपकी पत्रिका में राहु या केतु का दोष चल रहा है और वे आपको बहुत ज्यादा तकलीफ दे रहे हैं तो किसी भी कठिन अनुष्ठान के बजाय श्रद्धापूर्वक इस एक सफेद फूल के उपाय को करें। यह आसान और अचूक उपाय जीवन में शांति और सकारात्मकता लाता है।

- राहु-केतु के अशुभ प्रभाव और प्रमुख संकेत
- काम में रुकावट: बनते हुए काम अचानक अटकने लगते हैं।
- बिना वजह डर और भ्रम की स्थिति महसूस होने लगती है।
- शारीरिक और आर्थिक कष्ट: बेवजह के खर्चे बढ़ने लगते हैं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं।
2.राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने का आसान तरीका
- राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए एक बहुत सरल और आसान उपाय है।
- सफेद फूल को अपने सिर के ऊपर से 21 बार घुमाकर उतार लें।
- फूल को उतारते समय मन ही मन राहु और केतु ग्रह का स्मरण करें और उनसे सभी परेशानी दूर करने की प्रार्थना करें।
3.जलाधारी के पास रखने की सही विधि
- शंकर जी के मंदिर में जाकर शिवलिंग का दर्शन करें।
- शिवलिंग पर जब जल चढ़ाया जाता है तो जलाधारी से जल नीचे बहकर गिरता है।
- उस सफेद फूल को जलाधारी की उस जगह पर रखना है जहा से जल नीचे की ओर गिर रहा हो।
4.उपाय से मिलने वाले शुभ लाभ
- शिवलिंग की जलाधारी के बहते जल के स्थान पर फूल अर्पित करने से राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।
- जीवन में अचानक आ रही परेशानिया दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलने लगती है।
- मन का भय दूर होता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।



