Business Desk : गोल्ड लोन कारोबार में विस्तार कर रही IFL Finance को IPO लाने के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 3.85 करोड़ शेयर जारी करने की तैयारी में है। हालांकि, अभी IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज का ऐलान नहीं हुआ है।

SEBI ने 5 नवंबर 2026 को कंपनी के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट पर ऑब्जर्वेशन जारी किए। इसके बाद कंपनी के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने के लिए एक साल का समय होगा। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी पूंजी मजबूत करने और भविष्य में लोन कारोबार की जरूरतें पूरी करने के लिए करेगी।

3.85 करोड़ शेयरों का होगा IPO
IFL Finance का IPO बुक बिल्ड इश्यू होगा। इसमें 3.55 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू और 30 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS के जरिए मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे, जबकि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी।

कंपनी फ्रेश इश्यू के तहत 1.15 करोड़ शेयरों तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो इससे जुटाई गई रकम को फ्रेश इश्यू के आकार से घटा दिया जाएगा।

कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं किए गए हैं। इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर आर्यमन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड हैं।

IPO में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए अधिकतम 50% शेयर आरक्षित होंगे। रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35% और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए न्यूनतम 15% हिस्सा रखा जाएगा।

गोल्ड लोन कारोबार पर फोकस कर रही कंपनी
IFL Finance की स्थापना सितंबर 2015 में हुई थी। यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में रजिस्टर्ड गैर-जमा स्वीकार करने वाली NBFC है। कंपनी मुख्य रूप से गोल्ड लोन देती है। इसके अलावा होम लोन और प्रॉपर्टी के बदले लोन भी उपलब्ध कराती है।

कंपनी ने हाउसिंग फाइनेंस से NBFC में बदलाव के बाद गोल्ड लोन कारोबार पर अपना फोकस बढ़ाया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा में 88 शाखाएं थीं। इसके सक्रिय उधारकर्ताओं की संख्या 33 हजार से ज्यादा थी।

कंपनी के कुल लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 84.77% थी। यानी कंपनी के कुल कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा सोने के बदले दिए गए लोन का है।

एक साल में 20% बढ़ी आय, मुनाफा 19% उछला
वित्त वर्ष 2025-26 में IFL Finance की कुल आय 20% बढ़कर 85.70 करोड़ रुपए हो गई। पिछले वित्त वर्ष में यह 71.37 करोड़ रुपए थी।

इसी दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 18.13 करोड़ रुपए से बढ़कर 21.63 करोड़ रुपए पहुंच गया। इसमें करीब 19% की बढ़ोतरी हुई।

31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 588.98 करोड़ रुपए और नेटवर्थ 179.92 करोड़ रुपए थी। वहीं, रिजर्व एवं सरप्लस 96.62 करोड़ रुपए रहा।

हालांकि, इस दौरान कंपनी का उधार भी बढ़ा। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 187.80 करोड़ रुपए था, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 388.22 करोड़ रुपए हो गया।

IPO से जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनी?
IFL Finance IPO से मिलने वाली शुद्ध रकम का इस्तेमाल अपनी पूंजी मजबूत करने में करेगी। कंपनी के मुताबिक, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 150 करोड़ रुपए टियर-1 कैपिटल बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इससे कंपनी को भविष्य में लोन बांटने और कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी मिलेगी।

इसके अलावा, इश्यू से जुड़ा खर्च निकालने के बाद बची रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।

IPO के बाद घटेगी प्रमोटर्स की हिस्सेदारी
IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 99.68% है, जबकि पब्लिक की हिस्सेदारी 0.32% है।

प्रस्तावित IPO के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 67.76% रह जाएगी। वहीं, पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़कर 32.24% हो जाएगी। कंपनी के प्रमोटर्स में गोपाल बंसल, सुनीता बंसल और इंडिया फिनसेक लिमिटेड शामिल हैं।