उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव दर्ज करते हुए खुद को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल कर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रेल, जलमार्ग, ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम हुआ है, जिसने विकास को नई गति दी है.

प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार ने विकास की दिशा तय की है। वर्ष 2017 के बाद से 63,383 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जबकि 35,433 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है. प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क निर्माण की रफ्तार प्रदेश की तेज प्रगति को दर्शाती है. इसके साथ ही 1,740 पुलों का निर्माण कर आवागमन को और सुगम बनाया गया है. तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को बेहतर सड़कों से जोड़ने का व्यापक कार्य भी पूरा किया गया है.

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उत्तर प्रदेश आज देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है. देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में स्थित है. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है. गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसका लगभग 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट साबित होने जा रहा है. इसके अलावा विन्ध्य एक्सप्रेस-वे जैसी नई परियोजनाएं भी विकास के दायरे को और विस्तारित करेंगी.

हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति

हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है. वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतर्राष्ट्रीय हैं. जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है. इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. रेल और जलमार्ग के क्षेत्र में भी प्रदेश ने अपनी स्थिति मजबूत की है. करीब 16,000 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क के साथ उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है. वहीं, 11 राष्ट्रीय जलमार्गों का जुड़ाव इसे लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान दे रहा है. वाराणसी में देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल और 100 एकड़ में विकसित फ्रेट विलेज प्रदेश को निर्यात और माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं. जल क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है.

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इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नए विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने न केवल आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए भी नए द्वार खोले हैं. प्रदेश अब इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. संजीव सिंह गौड़, राज्य मंत्री समाज कल्याण ने कहा कि “डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है. शानदार सड़क नेटवर्क और तेजी से हो रहा निर्माण आम नागरिकों के जीवन को आसान बना रहा है। यही कारण है कि प्रदेश आज सर्वोत्तम बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.”

उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि “योगी सरकार के 9 वर्ष विकास, विश्वास और सुशासन के प्रतीक हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है. आज प्रदेश निवेश और विकास के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है.” वहीं मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, कहते हैं कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है. आज प्रदेश देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के साथ विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी का उदाहरण बन चुका है. पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के हर हिस्से को जोड़ते हुए विकास की नई धारा प्रवाहित की है.”