दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत ‘विसंगतियों’ के संबंध में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचेंगे। BLO संबंधित मतदाताओं से जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे, ताकि उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके। एसआईआर के दौरान मतदाता सूची और उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड के मिलान में कई तरह की विसंगतियां सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। अब निर्वाचन अधिकारियों ने दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बीएलओ के माध्यम से घर-घर संपर्क करने की व्यवस्था की है।

बीएलओ नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे। इसके बाद दस्तावेजों और उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने या रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार की कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को आसान बनाना और उन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना है। एसआईआर के दौरान मतदाता सूची और उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड के मिलान में सामने आई विसंगतियों के आधार पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। अब बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे और उन्हें सत्यापन की प्रक्रिया में शामिल करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, घर पर दस्तावेज एकत्र किए जाने से मतदाताओं के लिए सुनवाई की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी। खासकर ऐसे मतदाताओं को इससे राहत मिलेगी, जिन्हें दस्तावेज जमा करने या सत्यापन के लिए ईआरओ और एईआरओ कार्यालयों तक पहुंचने में परेशानी होती है। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर एसआईआर के तहत मतदाता के मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया, “बीएलओ ऐसे लोगों के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और इसके बाद उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ इस पर निर्णय ले सकें। ऐसे लोगों को ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा।”

विशेष परिस्थितियों में ही होगी सुनवाई

बयान के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही आयोजित की जाएगी। किसी मामले में सुनवाई आवश्यक है या नहीं, इसका फैसला संबंधित ईआरओ करेंगे। सुनवाई की जरूरत पड़ने पर इसे यथासंभव ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है। इससे उन मतदाताओं को सुविधा मिलेगी, जो खुद सुनवाई में उपस्थित होने में सक्षम नहीं हैं।

ईआरओ-एईआरओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें दस्तावेज जमा करने के लिए ईआरओ या एईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। बीएलओ उनके घर पहुंचकर संबंधित दस्तावेज प्राप्त करेंगे। निर्वाचन आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में चल रहे एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दी थी। इसके साथ ही नोटिसों के निपटारे और दावे-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। अब दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

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