दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन (Deepanshu Shaukeen) ने पदभार संभालने के बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रियता शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की चार प्रमुख मांगों को लेकर डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) को एक औपचारिक पत्र सौंपा। दीपांशु शौकीन ने पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को रखा।
चार प्रमुख मांगों को लेकर DSW को सौंपा पत्र
दीपांशु शौकीन ने अपने पत्र में छात्रों से जुड़े चार प्रमुख मुद्दों को उठाया है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों के लिए रेंट कंट्रोल एक्ट लागू करने की मांग की, ताकि किराये से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके। इसके अलावा उन्होंने सभी छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने दिल्ली में संचालित मौजूदा पीजी बिल्डिंग्स का सेफ्टी ऑडिट कराने की भी मांग रखी है, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पत्र में सत्यनिकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी की गई है। दीपांशु ने इन मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
‘मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रहेगा’
दीपांशु शौकीन ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की चार प्रमुख मांगों को लेकर डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) को औपचारिक पत्र सौंपा गया है। इनमें रेंट कंट्रोल एक्ट, सभी छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा, मौजूदा पीजी बिल्डिंग्स का सेफ्टी ऑडिट और सत्यनिकेतन समेत अन्य हादसों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजा, आर्थिक मदद और जवाबदेही की मांग शामिल है। दीपांशु ने कहा कि इन मांगों को लेकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रों की बात रखी है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।
सत्यनिकेतन हादसे के बाद से प्रमुख मुद्दे बने
सत्यनिकेतन पीजी हादसे के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया। हादसे के बाद पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और उनसे वसूले जाने वाले भारी किराये को लेकर भी सवाल उठे थे। दीपांशु शौकीन ने डूसू चुनाव प्रचार के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने छात्रों से हॉस्टल सुविधा बढ़ाने, पीजी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किराये से जुड़ी समस्याओं को लेकर कार्रवाई की मांग करने का वादा किया था। अब उपाध्यक्ष पद संभालने के बाद उन्होंने इन्हीं मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने औपचारिक तौर पर अपनी मांगें रखी हैं।
वीसी ऑफिस के बाहर भी पहुंचे दीपांशु
चार मांगों को लेकर डूसू उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (वीसी) ऑफिस के बाहर भी पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र सौंपने से पहले उन्होंने सत्यनिकेतन हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। दीपांशु ने कहा कि सत्यनिकेतन हादसे को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को पीड़ित परिवारों से बात करनी चाहिए और उनकी आर्थिक मदद की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी मुआवजा परिवार के बच्चों को खोने के दुख को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन आर्थिक तौर पर परिवारों की मदद की जानी चाहिए। डूसू उपाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की कमी समेत छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दीपांशु ने कहा कि सत्यनिकेतन हादसे को लेकर उनका सत्याग्रह आखिरी दम तक जारी रहेगा और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के सामने से अपने सत्याग्रह की शुरुआत करने का ऐलान किया।
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