चंडीगढ़: कनाडा में उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य का सपना लेकर जाने वाले भारतीय छात्रों, विशेषकर पंजाब से जाने वाली छात्राओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक सच सामने आया है। कनाडाई अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं ने आधिकारिक तौर पर यह माना है कि ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) और ब्रैम्पटन जैसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय छात्राओं को ‘सेक्स ट्रैफिकिंग’ (यौन शोषण और देह व्यापार) के काले दलदल में धकेलने वाला एक सुनियोजित नेटवर्क पैर पसार चुका है।

मजबूरी का फायदा उठा रहे शोषक दलाल और मकान मालिक

टोरंटो की प्रमुख पंजीकृत सामाजिक संस्था ‘एल्सपेथ हेवर्थ सेंटर फॉर विमेन’ (Elspeth Heyworth Centre for Women) की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश जाने वाली कई छात्राएं वहां पहुंचते ही महंगे किराए, पढ़ाई के बढ़ते कर्ज और पार्ट-टाइम नौकरी न मिलने के कारण भीषण आर्थिक संकट में घिर जाती हैं। इस लाचारी का फायदा स्थानीय दलाल (Pimps) और कुछ अपराधी प्रवृत्ति के मकान मालिक उठाते हैं।

शुरुआत में इन लड़कियों को सस्ते आवास, मुफ्त भोजन या नौकरी लगवाने का लालच देकर फंसाया जाता है। बाद में उन्हें उनके कानूनी स्टेटस (वीजा रद्द कराने), डिपोर्टेशन (कनाडा से निकाले जाने) और ब्लैकमेलिंग का डर दिखाकर जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता है।

कनाडा प्रशासन ने माना- ‘यह समाज का कैंसर है’

इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए ब्रैम्पटन शहर के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंता जताते हुए इसे “हमारे समाज का कैंसर” करार दिया है, जो खुलेआम पनप रहा है। वहीं स्थानीय काउंसलर रोवेना सैंटोस ने कनाडाई काउंसिल के सामने ऐसे कई सबूत और विज्ञापन पेश किए, जिनमें सस्ते किराए के बदले लड़कियों से ‘शारीरिक संबंध’ (Sex for Rent) की मांग की गई थी।

सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस अत्यधिक मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के कारण कई छात्राओं में अनचाहे गर्भ और गंभीर डिप्रेशन के मामले देखे गए हैं, और कुछ लड़कियों ने तो आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम भी उठा लिया है।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी शिकंजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए कनाडाई पुलिस प्रशासन और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग हब लगातार छापेमारी कर रहे हैं। हाल के महीनों में मानव तस्करी और ब्लैकमेलिंग के आरोप में कई इंडो-कैनेडियन युवकों को गिरफ्तार भी किया गया है। कनाडाई प्रशासन अब केंद्र सरकार के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक विशेष सपोर्ट हब और गाइडलाइंस तैयार कर रहा है ताकि उन्हें सुरक्षा दी जा सके।

विशेषज्ञों की भारतीय परिवारों को बड़ी सलाह

सामाजिक संस्थाओं और विशेषज्ञों ने भारत में रह रहे माता-पिता और छात्रों से अपील की है कि:

  1. बिना पूरी आर्थिक तैयारी और प्रामाणिक कॉलेजों (Designated Learning Institutions) की जांच किए बिना विदेश न आएं।
  2. सोशल मीडिया या किसी अज्ञात स्थानीय विज्ञापन पर भरोसा करके ‘सस्ते किराए’ या अनधिकृत समझौतों के झांसे में न आएं।
  3. किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या ‘कनाडाई मानव तस्करी हेल्पलाइन’ (Canadian Human Trafficking Hotline) से संपर्क करें।

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