हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर के बीआरटीएस को हटाए जाने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर और यातायात पुलिस को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत के आदेशों के पालन में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसने अपनी पहली बैठक में शहर के प्रमुख चौराहों पर बढ़ते दबाव और अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की है।

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इंफोर्समेंट की कार्रवाई को भी दोगुना किया जा रहा

दरअसल इंदौर हाईकोर्ट की मंशा के अनुरूप अब शहर के उन व्यस्त चौराहों पर पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी, जहां यातायात का दबाव सबसे अधिक रहता है। इसके साथ ही इंफोर्समेंट की कार्रवाई को भी दोगुना किया जा रहा है ताकि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन हो सके। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों में अवैध पार्किंग पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और टोइंग वाहनों की मदद से इन क्षेत्रों को खाली कराया जा रहा है।

नागरिकों को सुगम और सुरक्षित यातायात मिल सके

यह भी स्पष्ट किया कि बीआरटीएस के संबंध में मुख्य निर्देश कलेक्टर और नगर निगम को दिए गए हैं, जबकि यातायात पुलिस का ध्यान वर्तमान ट्रैफिक चुनौतियों से निपटने पर है। आगामी समय में पीक ऑवर्स के दौरान प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त यातायात कर्मियों के साथ-साथ ट्रैफिक वार्डन और ट्रैफिक प्रहरियों की भी तैनाती की जाएगी ताकि नागरिकों को सुगम और सुरक्षित यातायात मिल सके। समिति द्वारा दिए जाने वाले अन्य सुझावों को भी शत-प्रतिशत लागू करने का भरोसा जताया है।

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