Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उद्योग, व्यापार, कर सलाहकार संघों और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व चर्चा को संबोधित किया। इस चर्चा में उन्होंने कहा कि राजस्थान में उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं, और उद्योग तथा सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में तीन-चौथाई योगदान देते हैं। सरकार इन दोनों क्षेत्रों के लिए एक मजबूत और अनुकूल वातावरण बनाने का कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक ले जाने का संकल्प पूरा किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि इसमें रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले ही साल में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया, जिससे राज्य के आर्थिक क्षेत्र में नई गति मिली। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बड़ी निवेश नीतियों का कार्यान्वयन किया और कई बड़े निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में औद्योगिक और आर्थिक दिशा में बड़ा बदलाव आ रहा है।

राजस्थान: औद्योगिक और आर्थिक विकास में अग्रणी

मुख्यमंत्री ने राजस्थान के औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के पंजीकरण में तेज वृद्धि हुई है। पिछले एक साल में करीब 5 लाख एमएसएमई पंजीकृत हुए हैं, और राज्य एमएसएमई पंजीकरण में चौथे स्थान पर है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान अब बड़े अवसरों की भूमि बन चुका है और राज्य सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बन गया है।

राज्य सरकार ने प्रदेश को हरित ऊर्जा उत्पादन में एक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया है, और राजस्थान अब सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन में प्रमुख स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने 11 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय स्वीकृति दी है, जो राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

कुशल वित्तीय प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा कुशल वित्तीय प्रबंधन की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप 2024 में राज्य के जीएसडीपी में 12.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि राज्य की पूंजीगत व्यय को 65.94 प्रतिशत बढ़ाया गया है, जिससे राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति मिली है। यह वित्तीय प्रबंधन राज्य की समृद्धि में योगदान कर रहा है।

निवेश और समावेशी विकास के लिए नए कदम

राज्य सरकार ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 के तहत संतुलित और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर किया, जिसमें 66 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की अतिरिक्त किश्त के रूप में 650 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया गया। यह राशि राज्य के किसानों के लिए एक अभूतपूर्व कदम है, जो प्रदेश में पहले कभी नहीं देखा गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले समय में और भी नई योजनाओं की शुरुआत करेगी, जो राज्य के विकास को और भी सशक्त बनाएंगी। राज्य सरकार की योजनाओं से कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और पर्यटन के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी भारी बदलाव आएगा।

करों के माध्यम से जनकल्याण और विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार करों को केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं मानती, बल्कि इन्हें प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। सरकार द्वारा अर्जित राजस्व का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, और सामाजिक कल्याण के कार्यों में किया जा रहा है, जिससे राज्य के हर वर्ग को विकास का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ महीनों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनसे आम जनता को राहत मिली है।

वैट दरों में सुधार और आमजन को राहत

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर वैट की दरों को तर्कसंगत बनाने का उल्लेख किया, जिससे आमजन को सस्ती दरों पर तेल उपलब्ध हुआ। इसके अतिरिक्त, सीएनजी और पीएनजी की वैट दर में कमी कर 14.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया, जिससे इन गैसों की कीमतें भी घट गई हैं और जनता को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की भलाई के लिए लगातार प्रयासरत है और यह कदम इस दिशा में महत्वपूर्ण है।

बैठक में उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने राइजिंग राजस्थान समिट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड, उद्योग राज्य मंत्री के के विश्नोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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