देहरादून। सीएम पुष्कर सिंह धामी आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है। यह एक ऐसा दिव्य प्रकाशपुंज है, जिसमें मनुष्य के आचरण, चिंतन, कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और जीवन व्यवहार का अद्वितीय संकलन है।

भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक

सीएम धामी ने कहा कि गीता हमारे जीवन की सच्ची मार्गदर्शक है, जो हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य के पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हमारी सरकार सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर समर्पण भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में विभिन्न मंदिरों का जीर्णोद्धार, धार्मिक स्थलों का विकास और पवित्र घाटों का सौंदर्यीकरण इसी संकल्प का अभिन्न हिस्सा है। इसके साथ ही प्रदेश के स्कूलों में गीता के श्लोकों के वाचन की शुरुआत भी की गई है।

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कुंभ महोत्सव का निमंत्रण दिया

सीएम धामी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि आज कुरुक्षेत्र, हरियाणा में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विराट संत सम्मेलन में पूज्य साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मिलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर पूज्य साधु-संतों को वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले भव्य कुंभ महोत्सव के लिए निमंत्रण भी दिया। उन्होंने गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए स्वामी ज्ञानानंद और हरियाणा सरकार के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।