Dharm Desk – आज के समय में भागदौड़ भरी जिंदगी तनाव और स्वास्थ्य संबधी समस्याओं के कारण बहुत लोग सेहत से जुड़ी दिक्कत का सामना कर रहे है। बहुत से परिवारों में देखा जाता है कि घर का कोई न कोई सदस्य चाहे वह पति हो, पत्नी, बेटा या बेटा मानसिक रूप से असमानता का अनुभव करता है। इस प्रकार की समस्याओं में मुख्य रूप से मनुष्य का दिमाग एकाग्र नहीं रह पाता और विचार स्थिर नहीं होते। सही सयम पर फैसले लेने में कठिनाई आती है। कई बार डॉक्टरी जांच के बाद भी इंसान को मिर्गी या अन्य प्रकार के दौरे आने की शिकायत सामने आती है।

ऐसी स्थिति में परिवार के लोग बहुत घबरा जाते हैं और परेशान हो जाते हैं। चिकित्सा के साथ-साथ जब सनातन परंपराओं और पूजा पाठ का सहारा लिया जाता है तो इंसान को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यदि कोई इंसान मानसिक रूप से अस्वस्थ है या उसे दौरे आने की शिकायत है।तो शिवलिंग पर इस प्रकार जल अर्पित करे।
जलाभिषेक और अर्पण की सरल विधि
- सबसे पहले शिवलिंग की जलाधारी पर अशोक सुंदरी वाले स्थान की ओर डंडी का मुख करके एक बेलपत्र और एक दुर्वा घास चढ़ाए।
- तांबे के लोटे में साफ जल लेकर शिवलिंग के आसपास तीन अलग-अलग दिशाओं में खड़े होकर थोड़ा-थोड़ा जल अर्पित करें।
- यह संपूर्ण जल अर्पित करने की प्रक्रिया एक ही लोटे से पूरी की जाती है।
- जल अर्पित करते समय काशी में विराजमान भगवान शंकर के विशेष स्वरूप ‘कर्ण घंटेश्वर महादेव’ का स्मरण करना बेहद कल्याणकारी होता है।
- जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग से बहकर आने वाले उस पवित्र जल का आचमन जल ग्रहण कराना शुभ और लाभकारी रहता है।
- इस उपाय के नियमित पालन से जिस इंसान की बुद्धि काम नहीं कर रही हो या मानसिक रूप से स्थिरता न हो उसे यह अभिमंत्रित जल प्रतिदिन देने से धीरे-धीरे सुधार आने लगता है।
- मिर्गी या अन्य दौरों की समस्या से पीड़ित मनुष्य को राहत मिलती है।
- मस्तिष्क की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और उसमें विवेक तथा सोचने-समझने की क्षमता दोबारा जागृत होने लगती है।


