कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कबाड़ गोदाम में भीषण विस्फोट कांड मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी शमीम कबाड़ी 25 महीने से फरार चल रहा था। नागपुर से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर वह दुबई भाग गया था। शहर वापस आते ही पुलिस ने उसे धर दबोचा। फर्जी दस्तावेज, किराएनामा और पत्नी व माता-पिता का नाम बदल फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। आपराधिक रिकॉर्ड के चलते 2019 में पहला पास्पोर्ट निरस्त हो चुका था। आरोपी शमीम के खिलाफ प्रदेशभर के 26 जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। आरोपी की गिरफ्तारी से कबाड़ गोदाम में हुए भीषण विस्फोट का खुलासा हो सकता है।

क्या है पूरा मामला

25 अप्रैल को जबलपुर के अधारताल थाना इलाके में संचालित रजा स्टील के कबाड़ गोदाम में हुए भीषण धमाके से आसपास के कई इलाके थर्रा उठे थे। ब्लॉस्ट में दो लोगों की मौत भी हुई थी। 25 अप्रैल को भी गोदाम में करीब 10 कारीगर काम कर रहे थे कि इसी बीच गोदाम में जोरदार धमाका हुआ, इससे कबाड़ गोदाम का पूरा छज्जा जहां गिर पड़ा तो वहीं आसपास लगे करीब 15 किलोमीटर का इलाका भी जोरदार धमाके से दहल गया था।

धमाका इतना भीषण था कि इलाके में रहने वाले लोगों को भूकंप के झटकों जैसा एहसास हुआ था। हादसे के बाद ब्लास्ट के कई सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे, जिसमें साफ तौर पर नजर आ रहा था कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग ब्लास्ट के बाद बुरी तरह से दहशत में आ गए हैं। सीसीटीवी फुटेज में भी इलाके के लोगों को अपनी जान बचाकर भागते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता था।

जबलपुर का कुख्यात कबाड़ी है शमीम

रज़ा मेटल इंडस्ट्री का मालिक जबलपुर का कुख्यात कबाड़ कारोबारी शमीम हाजी है, जिसे शमीम कबाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। शमीम कबाड़ी पिछले कई सालों से प्रशासन के निशाने पर है। चोरी के वाहनों को काटने से लेकर अन्य अवैध गतिविधियों के मामले में कई बार उसके कबाड़ के गोदाम में प्रशासन और पुलिस की टीमों ने छापेमारी भी की है।

नाम किसी का काम किसी का

हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी जिस जगह काम कर रहा था वो ठेका किसी और के नाम पर था। एग्रीमेंट में साफ लिखा है आयुध निर्माणी ने स्क्रैप का ठेका ग्लोबल ट्रेडर्स के सुल्तान अली निवासी आनंद नगर जबलपुर को दिया गया है। जिसमें बतौर गवाह हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी के पुत्र मोहम्मद फहीम खान के हस्ताक्षर हैं। 21 अगस्त 2023 को जारी किया गया ठेका ग्लोबल ट्रेडर्स के सुल्तान अली के नाम है। लेकिन इस पर आयुध निर्माणियों से स्क्रैप शमीम कबाड़ी उठा रहा था। यानी कि शमीम कबाड़ी ये बात जानता था कि भविष्य में कोई गड़बड़ी होती है तो इसकी जिम्मेदारी उस पर न आकर बल्कि एग्रीमेंटकर्ता के नाम पर होगी।

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