दिल्ली को झुग्गीमुक्त बनाने की दिशा में ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और अन्य संबंधित विभाग झुग्गी बस्तियों के यथास्थान पुनर्वास की योजना पर काम कर रहे हैं। दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत करीब 17 लाख झुग्गीवासियों के पुनर्वास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निजी डेवलपर्स और हितधारकों के साथ बैठक

योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए डीडीए ने निजी डेवलपर्स और विभिन्न हितधारकों के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक बैठक आयोजित की। बैठक में परियोजनाओं की संरचना, कार्यान्वयन तंत्र, संभावित जोखिम और वित्तपोषण मॉडल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

डीडीए अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के अनुरूप झुग्गी पुनर्वास कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

यथास्थान पुनर्वास पर जोर

योजना का प्रमुख उद्देश्य पात्र झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा निवास स्थल के आसपास ही पक्का और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास कर रोजगार, सार्वजनिक सुविधाओं और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

निजी क्षेत्र की भूमिका अहम

डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवन कुमार ने कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर पुनर्वास कार्यक्रम को पूरा करने में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। निवेशकों और हितधारकों से मिले सुझावों और फीडबैक से प्रस्तावित ढांचे को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

डीडीए का लक्ष्य समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास के जरिए दिल्ली के पुनर्विकास को आगे बढ़ाना है, ताकि शहर में सभी वर्गों के लिए आवास और अवसरों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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