Rajasthan Nikay Chunav 2026 के नतीजे आने के बाद अब जयपुर नगर निगम के मेयर पद को लेकर सियासी हलचल के साथ सामाजिक संगठनों की दावेदारी भी सामने आने लगी है।

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने भाजपा से जयपुर के अगले महापौर पद पर ब्राह्मण पार्षद को मौका देने की मांग की है। महासभा का कहना है कि जयपुर में लंबे समय से ब्राह्मण समाज को मेयर पद पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। संगठन ने किसी अनुभवी और योग्य ब्राह्मण पार्षद को जिम्मेदारी देने की मांग की है।

30 साल से जयपुर में ब्राह्मण मेयर नहीं बनने का दावा

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एलटी शर्मा ने कहा कि राजस्थान में ब्राह्मण समाज की आबादी करीब 22 से 23 प्रतिशत है। उनके मुताबिक इस बार जयपुर में ब्राह्मण समाज ने भाजपा को बढ़-चढ़कर समर्थन दिया है।

शर्मा ने भाजपा और संघ से मांग की कि जयपुर के मेयर पद के लिए किसी अनुभवी ब्राह्मण पार्षद को मौका दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 30 वर्षों से जयपुर में ब्राह्मण समाज का कोई व्यक्ति महापौर नहीं बना है।

जयपुर के विकास के लिए अनुभवी चेहरे की मांग

एलटी शर्मा ने जयपुर के मेयर पद के लिए अनुभव को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर की पहचान विश्वस्तरीय पर्यटन शहर के तौर पर है। ऐसे में शहर की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अनुभवी व्यक्ति को मेयर की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। महासभा की मांग है कि ब्राह्मण समाज के किसी योग्य पार्षद को यह जिम्मेदारी दी जाए।

बोर्ड और निगमों में भी प्रतिनिधित्व की मांग

ब्राह्मण महासभा ने केवल जयपुर मेयर पद तक अपनी मांग सीमित नहीं रखी है। एलटी शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में बनने वाले बोर्ड और निगमों में भी सवर्ण समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज आगे भी राजनीतिक दलों का साथ देता रहेगा।

महामंत्री बोले- जयपुर में ब्राह्मण समाज को भी मौका मिले

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के महामंत्री अनूप पारीक ने भी जयपुर मेयर पद पर प्रतिनिधित्व की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्राह्मण समाज से आते हैं, लेकिन वे पूरे राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं।

पारीक ने जयपुर को छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध बताते हुए कहा कि शहर में ब्राह्मण समाज की बड़ी संख्या है। उनके मुताबिक पिछले 30 वर्षों में चार बार वैश्य समाज से मेयर का प्रतिनिधित्व मिल चुका है। इसके अलावा अन्य समाजों को भी मौका मिला है, लेकिन ब्राह्मण समाज से अब तक कोई मेयर नहीं बना। इसी आधार पर महासभा ने इस बार जयपुर में ब्राह्मण समाज को मेयर पद पर प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।

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