विजय कुमार/जमुई। बिहार की पारंपरिक खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से जमुई के श्रीकृष्ण स्टेडियम में दो दिवसीय ‘माटी का बल दंगल’ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया, जिन्होंने पहलवानों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और बिहार कुश्ती संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दंगल में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 200 से अधिक पहलवानों ने अपनी शक्ति और तकनीक का प्रदर्शन किया।

​पारंपरिक खेलों को नया जीवन

​उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘माटी का बल दंगल’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध कुश्ती परंपरा और ग्रामीण संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को मिट्टी से जोड़ते हैं और उन्हें अनुशासन व शारीरिक फिटनेस के प्रति प्रेरित करते हैं। चौधरी ने विश्वास जताया कि बिहार अब खेल प्रतिभाओं के एक वैश्विक हब के रूप में उभर रहा है।

​खिलाड़ियों के लिए सरकारी संकल्प

​कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं। उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना और आधुनिक प्रशिक्षण पर निवेश बढ़ा रही है ताकि बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा फहरा सकें। 14 से 15 फरवरी तक चलने वाले इस उत्सव ने हजारों दर्शकों की उपस्थिति में एक नया इतिहास रचा है। यह आयोजन बिहार की मिट्टी की ताकत और अटूट खेल भावना का प्रमाण है।