जमुई। जिले में पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की परिवहन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत जमुई में कुल 10 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
योजना का बजट और उद्देश्य
भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2024 में 10,900 करोड़ रुपये के विशाल बजट के साथ मंजूरी दी गई थी। इसका प्राथमिक लक्ष्य देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाना और उनके लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। राज्य स्तर पर इस बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग का प्रावधान है।
जमुई और सिकंदरा में चिन्हित स्थान
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार, इन 10 स्टेशनों को रणनीतिक रूप से शहरी और व्यस्त इलाकों में बांटा गया है:
जमुई नगर परिषद (07 स्टेशन): बस स्टैंड (वार्ड 8), शगुन वाटिका (वार्ड 12), टेंपो स्टैंड (वार्ड 8), अतिथि पैलेस (वार्ड 12), डॉक्टर नीरज शाह क्लिनिक (वार्ड 14), पीडी मध्य विद्यालय (वार्ड 24) और खैर मोड़ स्थित गैस एजेंसी (वार्ड 18)।
नगर पंचायत सिकंदरा (03 स्टेशन): सरकारी बस स्टैंड (वार्ड 2), जिला परिषद प्राइवेट बस स्टैंड (वार्ड 1) और जमुई रोड (वार्ड 8)।
पर्यावरण और यात्रियों को लाभ
जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि चिन्हित स्थानों पर स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। राजमार्गों और मुख्य शहरी केंद्रों पर स्टेशन होने से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को चार्जिंग की समस्या नहीं होगी। यह कदम बिहार को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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