Bihar News: जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल सीएम सम्राट चौधरी ने कल गुरुवार को पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कि थी। इस दौरान मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता औऱ उसके परिवार की तस्वीर शेयर की गई थी, जिसे लेकर विपक्ष ने पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया। अब इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीएम कार्यालय के (CMO) के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकि में पॉक्सो एक्ट की धारा 23, बीएनएस की धारा 73 और आईटी एक्ट की धारा 66 ई और 67 का उल्लेख किया गया है।
FIR दर्ज कराने थाने पहुंची थी मीसा भारती
दरअसल जमुई यौन उत्पीड़न मामले में नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर करने का आरोप लगाते हुए राजद सांसद मीसा भारती आज शुक्रवार की शाम सचिवालय थाने पहुंची थी और उन्होंने सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कराने की मांग की। मीसा भारती के पहुंचते ही थाना अध्यक्ष थाना छोड़कर फरार हो गए। तेजस्वी यादव ने भी सीएम सम्राट के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की थी। वहीं, अब विवाद बढ़ता देख सीएम के स्टेनोग्राफर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सम्राट चौधरी किस खेत के मूली-भंटा?
मीसा भारती ने कहा कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कल जमुई कांड की पीड़िता के पहचान को सार्वजनिक कर POCSO ACT 2012 की धारा 23 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 कि धारा 74 के तरह केस बनता है, जिसके लिए आज वह सचिवालय थाने में सीएम के खिलाफ FIR दर्ज करने पहुंची हैं।
मीसा भारती ने कहा कि, मुख्यमंत्री हैं तो क्या उनको पीड़िता को परेशान करने का अधिकार प्राप्त है? इस देश का CJI भी कानून से ऊपर नहीं है, तो फिर ये सम्राट चौधरी किस खेत के मूली-भंटा है? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि, मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR तो सचिवालय थाना को लिखना ही होगा।
जानें क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि सीएम सम्राट चौधरी ने कल गुरुवार (24, सितंबर) को लोक सेवक आवास में जमुई की पीड़ित छात्रा और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें बिना ब्लर किए अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पर भी शेयर की थी, जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मुख्यमंत्री पर नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि विवाद बढ़ता देख बाद में उस पोस्ट को हटा लिया गया। वहीं, अब इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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