पटना। बिहार की राजनीति में जदयू (JDU) के भीतर चल रहा अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के तमाम प्रयासों के बावजूद, बाहुबली नेता और जदयू विधायक अनंत सिंह ने बगावत का रुख अख्तियार कर रखा है। एमएलसी चुनाव में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ जाकर अनंत सिंह लगातार जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं।
ललन सिंह की अपील बेअसर
हाल ही में 5 अक्टूबर को ललन सिंह ने यह दावा किया था कि उन्होंने अनंत सिंह से बातचीत कर ली है और अब वह इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे। हालांकि, इस वादे के महज 48 घंटे के भीतर ही राजनीतिक समीकरण बदलते दिखे। अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर जन सुराज पार्टी के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह की जीत सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है।
अनंत सिंह ने फतुहा के महारानी चौक से एक भव्य रोड शो की शुरुआत की। यह काफिला चौराहा और दरियापुर से गुजरते हुए बख्तियारपुर में समाप्त हुआ। रास्ते में उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान अनंत सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह को भारी मतों से जिताएं और उनके बुलाने पर वे हमेशा हाजिर रहेंगे।
नीतीश कुमार के आवास पर बैठकों का दौर जारी
एक तरफ जहां अनंत सिंह लगातार पार्टी के खिलाफ जाकर प्रचार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पटना में राजनीतिक हलचल तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के आवास पर एमएलसी चुनाव और इस पूरे विवाद को लेकर लगातार मंथन जारी है। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी उच्चस्तरीय बैठक थी, जिसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार और एमएलसी संजय गांधी जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे इस हाई-प्रोफाइल विवाद को सुलझाना और पार्टी में अनुशासन बनाए रखना है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों नाराज हैं अनंत सिंह?
यह पूरा घमासान पटना स्नातक सीट से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच वर्चस्व और पुरानी नाराजगी को लेकर है। अनंत सिंह की मुख्य शिकायत यह है कि जब वह खुद पिछला विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ भीतरघात किया था और उनका विरोध किया था, लेकिन उस समय संगठन की ओर से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।
ललन सिंह ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि पिछली बार प्रदेश इकाई स्तर पर कुछ चूक जरूर हुई थी। बावजूद इसके, अनंत सिंह का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और वह नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह के नामांकन से लेकर रोड शो तक में खुलकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह स्थिति आने वाले दिनों में जदयू के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है।

