कुंदन कुमार, पटना। यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में हंगामा जारी है। जनरल कैटेगरी के छात्र और सवर्ण समाज के लोगों में यूजीसी के इस नए कानून को लेकर काफी आक्रोश में हैं, उनके द्वारा लगातार यूजीसी का विरोध किया जा रहा है। बिहार के भी अलग-अलग हिस्सों में यूजीसी के खिलाफ विरोध देखने को मिल रहा है। वहीं, अब इस मामले पर जब जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से सवाल किया गया तो, उन्होंने इसपर कोई भी जवाब नहीं दिया।
यूजीसी के सवाल पर साधी चुप्पी
दरअसल मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह सवर्ण समाज से आते हैं। आज गुरुवार (29 जनवरी) को जब पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो, वहां पहले से ही मौजूद पत्रकारों ने उनसे यूजीसी पर उनके राय को जानना चाहा। हालांकि यूजीसी को लेकर पत्रकारों के बार-बार सवाल पूछ जाने पर भी ललन सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया और बिना कुछ बोले ही गाड़ी में बैठ गए।
इस दौरान पत्रकारों ने यह भी कहा कि यूजीसी को लेकर कोई भी सवर्ण नेता कुछ नहीं बोल रहा है, आप तो बोल दीजिए। हालांकि ललन सिंह बिना कुछ बोले ही वहां से निकल गए।
पीएम मोदी और अमित शाह की तस्वीरों पर पोती कालिख
बता दें कि कल पटना के दिनकर गोलंबर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और यूजीसी के खिलाफ केंद्र में बैठी सरकार का जमकर का विरोध किया। इस मौके पर आक्रोशित छात्रों ने सड़कों पर आगजनी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फोटो पर कालिख पोता। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने टायर जलाकर सरकार से काला कानून वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि यूजीसी कानून को उनके खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
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