कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में शराबबंदी और चुनावी चंदे को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। जेडीयू (JDU) के विधान पार्षद नीरज कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर सीधा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ​जेडीयू प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने दावा किया है कि शराबबंदी का विरोध करने वालों के पीछे आर्थिक सांठगांठ है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राष्ट्रीय जनता दल ने पश्चिम बंगाल की एक शराब कंपनी से भारी चंदा लिया था। नीरज कुमार के अनुसार, जब दस्तावेज सार्वजनिक हुए, तब यह सच्चाई सबके सामने आ गई थी कि आरजेडी के चुनावी फंड में शराब कारोबारियों का पैसा लगा है।

​नीतिगत विरोध या कारोबारी हित?

​नीरज कुमार ने तर्क दिया कि जो दल शराब कंपनियों से चंदा लेते हैं, वे स्वाभाविक रूप से शराबबंदी की नीति का विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के सदस्य उन लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं जो बिहार में शराबबंदी कानून को विफल बताना चाहते हैं। उनके अनुसार, यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि उन ‘आकाओं’ के प्रति वफादारी है जिन्होंने चुनाव में पार्टी की मदद की है।

​जनता की अदालत में विपक्ष की घेराबंदी

​जेडीयू नेता ने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है। एक तरफ सरकार समाज सुधार के लिए शराबबंदी को सख्ती से लागू करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष उन ताकतों के साथ खड़ा है जो इस कानून को कमजोर करना चाहती हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि जब आधार ही शराब कंपनी का चंदा हो, तो मंशा साफ हो जाती है।