“It’s never too late to start again…” किसी भी छोर से संभाली, सँवारी और पकड़ी जा सकती है ज़िंदगी. धनात्मकता यानि positivity के लिए कभी देर नहीं होती. पुनरुत्थान और पुनर्जागरण के लिए हर क्षण शुभ होता है. जीवन एक ऐसी अनोखी यात्रा का नाम है जिसे किसी भी मोड़ से नई और सही दिशा दी जा सकती है. परिस्थितियाँ कठिन हो जाएँ, सपने टूट जाएँ या राह भटक जाएँ तब भी जीवन चलता ही रहता है. हर नये दिन और नए अवसर के साथ सकारात्मक सोच एक विश्वास का नाम है. यह विश्वास कहता है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटी-सी किरण भी प्रकाश फैला सकती है.
Every cloud has a silver lining. अंग्रेजी की यह पंक्ति सकारात्मक सोंच की पराकाष्ठा है इसके अनुसार धनात्मकता केवल अच्छा सोचने का नाम नहीं बल्कि हर चुनौती में अवसर खोजने की कला है. अटल सत्य यह है कि असफलताएँ हमें मजबूत बनाने आती हैं. इसीलिए कहा जाता है अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने वाला ही सच्चे अर्थों में सफल होता है.
जीवन में पुनरुत्थान और पुनर्जागरण का कोई समय निश्चित नहीं होता. यदा मनसि परिवर्तनस्य संकल्पः उत्पद्यते, तदैव सः शुभः क्षणः भवति। इस संस्कृत सुभाषित का अर्थ है जब भी मन में सार्थक परिवर्तन का संकल्प जागता है वही सर्वाधिक शुभ क्षण बन जाता है. हर व्यक्ति के भीतर एक नई शुरुआत करने की अद्भुत शक्ति होती है. क्योंकि बीता हुआ समय बदला नहीं जा सकता लेकिन आने वाला समय हमारे वर्तमान निर्णयों से अवश्य बदल सकता है. इसलिए संतों के द्वारा निराशा को छोड़कर आशा के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है. “The darkest hour is just before the dawn…” अर्थात सूर्योदय से ठीक पहले सर्वाधिक घना अंधकार होता है. सफलता के ठीक पहले हिम्मत हार जाने वालों के लिए यह सार्थक पंक्ति है.
जैसे सूखी धरती पर बरसात नई हरियाली ले आती है वैसे ही आशावादी सोच जीवन को नई ऊर्जा से भर देती है. इसलिए कभी यह मत सोचिए कि अब बहुत देर हो चुकी है क्योंकि इस लेख मे ही कहा जा चुका है कि ज़िंदगी किसी भी छोर से कभी भी फिर से पकडी जा सकती है. ऐसा मान कर जीना चाहिए कि हर पल एक नई शुरुआत के लिए है, हर सुबह एक नये संदेश के लिए और हर प्रयास एक बड़ी सफलता के लिए है.
Where there is a will, there is a way. जहां चाह वहाँ राह कहने वाली अंग्रेजी की यह पंक्ति जीवन का सुंदरतम सत्य है. इस सत्य के साथ यह विचार कि सकारात्मक सोच और नए संकल्प के लिए कभी देर नहीं होती सोने पे सुहागा की तरह है.

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम
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