रांची। झारखंड की कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के सरकारी आवास को खाली कराने की कार्रवाई शुरू हो गई है। एचईसी परिसर स्थित आवास संख्या F-44 को जिला प्रशासन की टीम खाली करा रही है। खास बात यह है कि कार्रवाई के दौरान न तो अंबा प्रसाद मौजूद थीं और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य। प्रशासन केयरटेकर की मौजूदगी में आवास खाली कराने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
IAS अधिकारी के नाम आवंटित हो चुका है आवास
जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने बताया कि आवास पूर्व में विधायक के रूप में अंबा प्रसाद को आवंटित किया गया था। हालांकि, पिछले वर्ष यह आवास एक आईएएस अधिकारी के नाम पर आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद पूर्व विधायक को कई बार आवास खाली करने का नोटिस दिया गया।
मजिस्ट्रेट के मुताबिक, अंतिम नोटिस 2 नवंबर 2026 को जारी किया गया था। इसकी सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से भी अंबा प्रसाद को दी गई थी, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। प्रशासन ने शनिवार को आवास खाली कराने की कार्रवाई शुरू की और इसे उसी दिन पूरा करने की बात कही।
मेरी गैरमौजूदगी में आवास खाली कराने की इतनी हड़बड़ी क्यों? : अंबा प्रसाद
वहीं, इस कार्रवाई पर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पश्चिम बंगाल की सह प्रभारी अंबा प्रसाद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अभी भी कई पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सरकारी आवासों में रह रहे हैं। ऐसे में दिवाली जैसे त्योहार से ठीक एक दिन पहले उनके आवास को खाली कराने की कार्रवाई समझ से परे है।
अंबा प्रसाद ने कहा कि उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य की अनुपस्थिति में आवास खाली कराना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन की ओर से उन्हें आवास खाली करने का कोई नोटिस नहीं मिला है।
रांची पहुंचकर मीडिया के सामने रखेंगी पक्ष
अंबा प्रसाद ने कहा कि वह रांची पहुंचने के बाद मीडिया के सामने इस पूरी कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखेंगी। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता की नाराजगी और प्रशासन के दावों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है।

