बक्सर। बक्सर सदर के विधायक आनंद मिश्रा ने ‘जी राम जी’ योजना को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह योजना पूरी तरह ग्रामीण रोजगार से जुड़ी है और इसके तहत किसी भी व्यक्ति को बाहर भेजने का कोई प्रावधान नहीं है। विधायक ने यह बातें बक्सर सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।
गांव में ही मिलेगा रोजगार
आनंद मिश्रा ने कहा कि ‘जी राम जी’ योजना दरअसल मनरेगा का ही विस्तारित और व्यवस्थित रूप है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत न तो किसी को मजदूर बनाकर अडानी की फैक्ट्री भेजा जाएगा और न ही किसी बाहरी राज्य में काम के लिए भेजने की कोई व्यवस्था है।
विपक्ष फैला रहा है भ्रम
विधायक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोगों को बाहर भेजना होता, तो उसके लिए बस, ट्रेन या अन्य संसाधनों की व्यवस्था कहां है। यह सब ‘कॉमन सेंस’ के खिलाफ बातें हैं।
नाम गांव की संस्कृति से जुड़ा
आनंद मिश्रा ने बताया कि ‘जी राम जी’ नाम गांव की परंपरा और संस्कृति से जुड़ा है, जहां लोग एक-दूसरे का अभिवादन इसी शब्द से करते हैं। इसी भावना के साथ यह योजना शुरू की गई है, ताकि ग्रामीण अपने क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार पा सकें।
125 दिन की रोजगार गारंटी
उन्होंने बताया कि पहले यह योजना 100 दिन की थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। बीच में 60 दिन का अंतर रखा जाएगा, ताकि मजदूर खेती-बाड़ी जैसे अपने निजी कार्य भी कर सकें।
हर वर्ग के विकास का दावा
विधायक ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए योजनाएं ला रही है, जबकि विपक्ष की राजनीति केवल भ्रम फैलाने तक सीमित रह गई है।
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