अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले के अमडंडा थाना क्षेत्र के रानी बमिया गांव में जितिया पर्व के पावन अवसर पर जहां एक तरफ घरों में उत्सव और उल्लास का माहौल होना चाहिए था, वहीं इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला गम दे दिया है। पर्व के नहाय-खाय के दिन नदी में नहाने गई एक किशोरी गहरे पानी में जाने से डूब गई। करीब 24 घंटे चले लंबे तलाश अभियान के बाद उसका शव बरामद किया गया, जिसके बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

तीन सहेलियों के साथ नदी में नहाने गई थी ममता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानी बमिया गांव की रहने वाली ममता कुमारी जितिया पर्व के पहले दिन यानी नहाय-खाय के मौके पर अपनी तीन सहेलियों के साथ गांव के पास स्थित नदी में स्नान करने के लिए गई थी। नहाने के दौरान अचानक ममता का पैर फिसल गया या वह अंदाजा नहीं लगा पाई और गहरे पानी में चली गई। देखते ही देखते वह पानी के तेज बहाव या गहराई में समा गई।

सहेलियों ने दी परिजनों को सूचना
हादसे के बाद ममता की तीनों सहेलियां किसी तरह अपनी जान बचाकर नदी से बाहर निकलीं और तुरंत अपने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। बेटी के नदी में डूबने की बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। ग्रामीण तुरंत बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे और अपने स्तर पर ममता की तलाश शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला भी हरकत में आ गया।
SDRF की टीम और 24 घंटे का संघर्ष
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। शुक्रवार से लगातार करीब 24 घंटे तक पानी के भीतर और आसपास के इलाकों में ममता की तलाश की जाती रही। परिजन, ग्रामीण और प्रशासन लगातार यही दुआ कर रहे थे कि किसी तरह ममता सुरक्षित मिल जाए, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीदें धूमिल होती गईं।
शव मिलते ही घर में मचा कोहराम और पसरा सन्नाटा
करीब 24 घंटे के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार ममता का शव नदी से बरामद कर लिया गया। जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। जिस बेटी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा जाना था, उसी की अर्थी उठने की खबर से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे के कारण पूरे रानी बमिया गांव में जितिया पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं और पर्व के दिन भी पूरे गांव में सन्नाटा छाया हुआ है।

