JJM Scam: देश के चर्चित 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार (13 अप्रैल) को जयपुर की विशेष कोर्ट में पेशी के दौरान एसीबी (ACB) को उनकी 2 दिन की रिमांड और मिल गई है। दिल्ली से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हुए अग्रवाल अब 15 अप्रैल तक पुलिस की मेहमाननवाजी में रहेंगे।

सुबोध अग्रवाल का बड़ा दावा
कोर्ट से बाहर निकलते समय मीडिया ने जब अग्रवाल को घेरा, तो उन्होंने एक बड़ा बम फोड़ दिया। सुबोध अग्रवाल ने सीधा आरोप लगाया कि फाइनेंस कमेटी के 37 मामलों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के हैं, जबकि बाकी 33 मामले सुधांश पंत के समय के हैं, जिनमें करीब 600 करोड़ का खेल हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसीबी उन मामलों की जांच कर रही है जिनमें पैसा दिया ही नहीं गया, लेकिन जहां गबन हुआ वहां चुप्पी साधी गई है।
सास के निधन पर भी नहीं मिली राहत
बता दें कि सुबोध अग्रवाल की ओर से उनकी सास के निधन का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की अर्जी लगाई गई थी। अग्रवाल के वकीलों ने भावनात्मक दलीलें दीं, लेकिन कोर्ट ने घोटाले की गंभीरता को देखते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया।
अदालत में वकीलों के बीच तीखी बहस
एसीबी ने सुबोध अग्रवाल से और राज उगलवाने के लिए 3 दिन की रिमांड मांगी थी। अग्रवाल के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि उन्हें रिमांड पेपर की कॉपी तक नहीं दी गई, जो कानूनी तौर पर गलत है। वहीं सरकारी वकील का कहना था कि यह केस डायरी का हिस्सा है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
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