रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई की तारीख में बदलाव किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर 2026 को होगी। इससे पहले 5 अक्टूबर की तारीख तय होने की जानकारी सामने आई थी।
यह याचिका JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर की गई है। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए केंद्र, झारखंड सरकार, JPSC और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
पिछली सुनवाई में बदली थी बेंच
28 सितंबर की सुनवाई के दौरान मामले की सुनवाई कर रही बेंच में बदलाव की स्थिति बनी थी। याचिकाकर्ता की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जस्टिस वी. मोहना ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था। अब अगली सुनवाई किस संयोजन वाली बेंच के समक्ष होगी, इसकी जानकारी आधिकारिक सूची से स्पष्ट होने का इंतजार है।
सुप्रीम कोर्ट की उपलब्ध कॉज लिस्ट में 5 अक्टूबर के लिए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच दर्ज है, हालांकि मामले की 7 अक्टूबर की लिस्टिंग के संबंध में उपलब्ध सार्वजनिक सूची में अभी न्यायाधीशों का संयोजन प्रदर्शित नहीं हो रहा है।
CBI जांच की मांग को लेकर दायर है याचिका
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच CBI से कराने की मांग की गई है। वैकल्पिक रूप से किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच कराने का अनुरोध भी किया गया है।
याचिका में परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल
याचिका में JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 की प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से परीक्षा से जुड़े OMR शीट, CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
7 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
मामले में राज्य सरकार और JPSC समेत संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी। अब 7 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर झारखंड के अभ्यर्थियों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पक्षों की नजर है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश नहीं दिया है; याचिका में इसकी मांग की गई है और मामले पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

