बेंगाबाद: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में कथित धांधली की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने बेंगाबाद में एक बार फिर कार्रवाई की है। मंगलवार को सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस के साथ तीसरी बार बेंगाबाद बस्ती स्थित समीर उर्फ शालू के घर पहुंची। टीम ने घर की तलाशी लेने के साथ परिजनों से पूछताछ भी की। तलाशी के दौरान कुछ सामान जब्त कर अपने साथ ले जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी देने से पुलिस और सीआईडी के अधिकारी बचते रहे।

मिठाई दुकान से हुई थी समीर की गिरफ्तारी

बेंगाबाद निवासी समीर उर्फ शालू जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल होने के बाद रांची में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (एएसओ) के पद पर तैनात था। करीब ढाई महीने पहले सावन पूर्णिमा के अवसर पर छुट्टी में वह अपने घर आया था। उस समय वह अपनी मिठाई की दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान सीआईडी की टीम ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए रांची ले गई। बाद में उसे जेल भेज दिया गया।

पहले भी घर से जब्त किए गए थे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

समीर से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी की टीम दूसरी बार उसके घर पहुंची थी। उस दौरान परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। मंगलवार को तीसरी बार पहुंची टीम ने फिर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुछ अन्य सामान भी जब्त किए जाने की चर्चा है। हालांकि, जब्त किए गए सामान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

परीक्षा एजेंसी की तकनीकी टीम से जुड़ा था समीर

मिली जानकारी के अनुसार, समीर पहले एक नामी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। बताया जाता है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने वाली टीम में भी वह शामिल था। आरोप है कि तकनीकी कार्य से जुड़ी जानकारी का फायदा उठाकर उसने परीक्षा में अनुचित तरीके से सफलता हासिल की। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

बेंगाबाद के करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों से भी पूछताछ

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान सीआईडी बेंगाबाद के करीब एक दर्जन सफल अभ्यर्थियों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए रांची बुला चुकी है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ संबंधित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ी हुई है। हालांकि, जांच के दायरे में आने मात्र से किसी अभ्यर्थी को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में सीआईडी की ओर से आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।