प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के कुदरा अंचल कार्यालय से रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि भूमि विवाद में धारा 144 की कार्रवाई के लिए कागजात आगे बढ़ाने के नाम पर राजस्व कर्मी और प्रधान लिपिक ने रिश्वत की मांग की। पीड़ित सूर्यकांत त्रिपाठी के मुताबिक उन्होंने विवादित जमीन को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर अंचल कार्यालय को शांति व्यवस्था के लिए 144 की कार्रवाई की अनुशंसा करने का निर्देश दिया गया था।

पैसे मिलते ही भेजा कागज

आरोप है कि राजस्व कर्मी ने जांच प्रतिवेदन आगे बढ़ाने के नाम पर 500 रुपये रिश्वत लिए। इसके बाद प्रधान लिपिक बाढ़ु राम ने भी रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने अपनी पत्नी के फोन-पे से प्रधान लिपिक के नंबर पर 500 रुपये ऑनलाइन भेजे। दावा है कि पैसे भेजने के दो मिनट बाद ही 144 की अनुशंसा के कागजात व्हाट्सऐप पर भेज दिए गए।

एसडीएम बोलीं- दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई

पीड़ित ने पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अन्य आवेदकों ने भी राजस्व कर्मियों पर अवैध वसूली के लिए निजी सहयोगी रखने का आरोप लगाया है। मामले पर मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि प्रधान लिपिक के खिलाफ मिली शिकायत की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

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