कैथल, 22 अक्टूबर। बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से कैथल के बाल भवन में जिला स्तरीय बाल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं का शुभारंभ डीसी अपराजिता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विजेता प्रतिभागियों को जोनल स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलेगा।

डीसी अपराजिता ने कहा कि बाल प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करती हैं। इनसे न केवल बच्चों की रचनात्मक क्षमता और कलात्मक कौशल निखरता है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, नई चीजें सीखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। इसलिए बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

डीसी अपराजिता वीरवार को जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में आयोजित जिला स्तरीय बाल प्रतियोगिताओं का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करने के उपरांत संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब उन्हें शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा को निखारने के पर्याप्त अवसर मिलें। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में अनुशासन, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लें और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

कार्यक्रम में पहुंचने पर जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर सिंह चौहान ने डीसी अपराजिता का स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बनाया। इस अवसर पर वंदना गर्ग, आरती डूडेजा, वीना रानी, मधु गोयल और ट्विंकल सहित अन्य निर्णायकों ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।