कैथल। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी फर्जी फोन कॉल, कभी इनाम का लालच तो कभी ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है। ऐसे में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए कैथल पुलिस ने साइबर जागरूकता माह के तहत अभियान तेज कर दिया है।

इसी कड़ी में साइबर थाना क्राइम से एएसआई सुनील कुमार की टीम ने हनुमान वाटिका के पास आमजन और युवाओं को साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।

फर्जी लिंक और कॉल से रहें सावधान

जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी फोन कॉल, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया, फर्जी कस्टमर केयर नंबर और इनाम का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ऑनलाइन निवेश के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाया जाता है।

पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड का विवरण, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से भी बचें।

युवाओं को सोशल मीडिया सुरक्षा के बताए तरीके

पुलिस टीम ने युवाओं को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने, मजबूत पासवर्ड रखने और अपनी निजी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। इसके अलावा ऑनलाइन खरीदारी या निवेश करने से पहले संबंधित वेबसाइट और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचने के लिए भी प्रेरित किया।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील की कि वे साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे और आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाए।

समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है। कैथल पुलिस का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना है।