आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) के बयान पर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने तीखा पलटवार किया है। CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने सवाल उठाया था कि क्या अपने ही देश में अपना झंडा लहराना कोई अपराध है? उन्होंने इसे बिल्कुल बेतुका बताया। अब कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केजरीवाल पर निशाना साधा है।

कपिल मिश्रा ने लाल चौक का किया जिक्र

कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, “सुनो बेवकूफ! मोदी सरकार में लाल चौक तक तिरंगा लहरा रहा है, जहां तुम्हारा भाईजान धमकियां दिया करता था। इसलिए, तिरंगे के नाम पर झूठ नहीं चलेगा।” उन्होंने आगे लिखा कि केजरीवाल की अपनी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है और अब वह वेतन पर रखे गए लोगों के साथ क्रांति करने निकले हैं। कपिल मिश्रा की इस टिप्पणी को केजरीवाल के बयान पर सीधे राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।

CJP कार्यकर्ताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत

इससे पहले, CJP के अजिंक्य शिंदे ने बुधवार को बताया कि जंतर-मंतर के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शिंदे ने कहा कि इस कार्रवाई से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी दोनों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “आशु और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उनकी गलती क्या थी? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना।” दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर सरकार असहमति को कुचलने के लिए प्रतिबद्ध है, तो उसे ऐसे तरीकों का सहारा लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखानी चाहिए। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

तिरंगा लहराने और नारे लगाने पर हिरासत का आरोप

पत्रकारों से बातचीत करते हुए CJP के अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि सौरव दास और आशुतोष रांका को तिरंगा लहराने और ‘वंदे मातरम’ व ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने के कारण हिरासत में लिया गया। शिंदे के मुताबिक, वह CJP के वॉलंटियर्स के साथ जंतर-मंतर की ओर गए थे, जहां उन्होंने भारतीय झंडा लहराया और देशभक्ति के नारे लगाए। शिंदे ने आरोप लगाया कि इसके बाद मोदी-शाह सरकार ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्होंने इस कार्रवाई को सरकार की ताकत का दुरुपयोग और लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

‘जेल जाने से नहीं डरेंगे कार्यकर्ता’

अजिंक्य शिंदे ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लगता है कि दोनों नेताओं को पांच दिन जेल में रखने से पार्टी के कार्यकर्ता डर जाएंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने दावा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका सिर ऊंचा करके जेल जा रहे हैं और पार्टी के कार्यकर्ता अपना विरोध जारी रखेंगे। शिंदे ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाया नहीं जाता। उन्होंने आशुतोष रांका के जन्मदिन का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें अपने जन्मदिन के मौके पर जेल जाना पड़ा। CJP नेता ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित कर रही है। हालांकि, ये आरोप पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

‘मोदी-शाह का अहंकार जल्द खत्म होगा’: अजिंक्य शिंदे

CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी की तुलना आजादी की लड़ाई के दौर से करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति के नारे लगाने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों को जेल भेजा जाता था। शिंदे ने दावा किया कि आज देश में मोदी और शाह की सरकार भी उसी तरह का व्यवहार कर रही है। शिंदे ने कहा, “मैं मोदी और शाह से कहना चाहता हूं कि आपका अहंकार जल्द ही खत्म हो जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के कार्यकर्ता इस कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। आगे की रणनीति को लेकर अजिंक्य शिंदे ने बताया कि CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक होने वाली है। उन्होंने कहा कि बैठक में चर्चा के बाद पार्टी की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर फैसले की घोषणा की जाएगी।

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