प्रवीण भारद्वाज, पानीपत. एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल की टीम ने तहसील कैंप थाने से हवलदार सतीश को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि हवलदार ने युवक को छोड़ने की एवज में यह रिश्वत ली थी। हालांकि रिश्वत लेने के मामले में एएसआई संजय से भी एसीबी की टीम ने काफी देर तक पूछताछ की और उसके बाद छोड़ दिया।
एसीबी को शिकायत देने वाले पवन ने बताया कि बुधवार देर रात उसका भाई अंडे की रेहड़ी के पास खड़ा था। उसके पास ही एक नाबालिग भी खड़ी थी। इसी बीच तहसील कैंप थाने से हवलदार गश्त करते हुए मौके पर पहुंचे नाबालिग और भाई को थाने ले आए। कुछ देर बाद नाबालिग को परिजनों के साथ भेज दिया था, जबकि युवक को थाने में बैठाकर रखा।
गुरुवार सुबह थाना पुलिस ने उन्हें बुलाया और भाई भाई को छोड़ने की एवज में 20 हजार रुपए मांगे। 15 हजार रुपए लेकर शाम तक थाने बुलाया था। धमकी दी थी कि रिश्वत नहीं दी तो तुम्हारे भाई को जेल में भेज देंगे।
एसीबी एसपी ममता सिंह ने एसीबी करनाल के इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। पवन ने जैसे ही हवलदार सतीश को पैसे दिए तो वैसे ही एसीबी टीम ने उसे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुरुवार रात साढ़े 8 बजे से रात पौने 12 बजे तक चली। देर रात टीम ने सतीश का नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया और उसे पानीपत टीम के सुपुर्द कर दिया।
वही करनाल एसीबी प्रभारी निर्मल सिंह का कहना है कि हवलदार सतीश को 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा एएसआई पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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