Business Desk – भारतीय रेलवे ने सुरक्षा, सिग्नलिंग और संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 1,364.45 करोड़ की कई परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की. ‘कवच’ रेलवे सुरक्षा इकोसिस्टम और इसके साथ ही सरकार द्वारा बढ़ाया गया खर्च ने निवेशकों का ध्यान KEC International, HBL Engineering और Kernex Microsystems की ओर खींचा है. इन तीनों कंपनियों को बड़े व्यावसायिक अनुबंध भी मिले हैं. नतीजतन, निकट भविष्य में इनके शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

फिलहाल BSE पर, KEC International के शेयर 532.90 (0.20% की गिरावट के साथ), HBL Engineering के शेयर 679.90 (0.59% की बढ़त के साथ) और Kernex Microsystems के शेयर 1,050.00 (7.37% की तेजी के साथ) पर ट्रेड कर रहे हैं.

क्या भारतीय रेलवे सुरक्षा पर लगातार खर्च बढ़ा रहा है?

भारतीय रेलवे सुरक्षा और संचार इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना निवेश लगातार बढ़ा रहा है. रेलवे ने कवच सिस्टम लगाने, ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का विस्तार करने और पुराने हो चुके सिग्नलिंग सिस्टम को बदलने के लिए 1,364.45 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी है.

इस पहल के तहत, दक्षिणी रेलवे जोन में 232 लोकोमोटिव पर 208.81 करोड़ की लागत से कवच उपकरण लगाए जाएंगे. यह 27,693 करोड़ के एक बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है. इस जोन के लिए कुल 2,950 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसमें कवच वर्शन 4.0 को लगाना भी शामिल है.

उत्तरी रेलवे जोन में, अंबाला, दिल्ली और लखनऊ डिवीजनों में संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए 400.86 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इस पहल के हिस्से के तौर पर, बड़े पैमाने पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जाएंगे.

इसी तरह, उत्तर मध्य रेलवे जोन में, 2,196 रूट किलोमीटर में 176.77 करोड़ की लागत से ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जाएँगे; वहीं, दक्षिण मध्य रेलवे जोन में, 578.02 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 49 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जो मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम की जगह लेंगे.

कंपनियों को कैसे फायदा हो रहा है?

रेलवे ‘कवच’ पर ज़ोर दे रहा है. इस इकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियों को इसका फायदा भी दिखने लगा है. HBL Engineering को हाल ही में कवच के उपकरणों के लिए 1,375.36 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं.

इसके अलावा, KEC International ने अपने जॉइंट वेंचर पार्टनर के साथ मिलकर, इस साल अब तक तीन TCAS (ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम) के ऑर्डर हासिल किए हैं. Kernex Microsystems की बात करें तो, कंपनी ने हाल ही में BHEL (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) के साथ एक जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है.

इस वेंचर में Kernex की 51% हिस्सेदारी होगी. यह पार्टनरशिप एडवांस्ड सिग्नलिंग सॉल्यूशन डेवलप करेगी, जिसमें कवच प्लेटफ़ॉर्म पर ATS (ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन) और ATO (ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन) के साथ इंटीग्रेटेड ‘मूविंग ब्लॉक सिस्टम’ और ‘सेंट्रलाइज़्ड ट्रैफ़िक कंट्रोल’ (CTC) शामिल हैं.