अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश के सतना कलेक्ट्रेट परिसर से अनुशासनहीनता और लापरवाही का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ कलेक्टर जिले की समीक्षा के लिए टीएल (Time Limit) बैठक ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कलेक्ट्रेट कार्यालय के भीतर ही एक कर्मचारी गहरी नींद में खर्राटे मार रहा था और फिर सामने कैमरे पर खुलती पोल को देखकर भड़क उठा।
पूरा मामला सोमवार की दोपहर जिला कलेक्ट्रेट बिल्डिंग में संचालित ट्राइबल विभाग का है। जहां एक तरफ कलेक्ट्रेट हाल में जिला कलेक्टर सतीश कुमार एस विभागीय अधिकारियों से समय सीमा की बैठक लेकर समीक्षा कर रहे थे, उसी दौरान उसी बिल्डिंग में संचालित ट्राइबल विभाग का एक कर्मचारी आशुतोष मिश्रा नशे में धुत्त होकर खर्राटे भर रहा था। वहां मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों ने जब उसे जगाने की कोशिश की और ड्यूटी के वक्त सोने का कारण पूछा, तो कर्मचारी ने अपनी गलती मानने के बजाय भड़क उठा और ‘दबंगई’ दिखानी शुरू कर दी।
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वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नींद से जागते ही कर्मचारी आपा खो बैठा और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। नशे में धुत्त इस कर्मचारी ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि कैमरे के सामने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि “मेरी नौकरी कोई नहीं छीन सकता, जो उखाड़ना है उखाड़ लो।” दफ्तर के भीतर इस तरह का हाईवोल्टेज ड्रामा और अनुशासनहीनता प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बदतमीजी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इस कर्मचारी पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है, या फिर सरकारी दफ्तरों में इसी तरह ‘मस्ती’ और ‘मनमानी’ का दौर जारी रहेगा।

