कॉकराच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास(Saurav Das) और आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) को बुधवार, 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत के आदेश के बाद दोनों को तिहाड़ जेल में रखा गया है। अदालत के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मामले में अपना विरोध जताया।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “क्या अपने ही देश में अपना झंडा लहराना कोई अपराध है? यह बिल्कुल बेतुका है।” सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति बनाए रखने के लिए भरे गए मुचलकों की कथित तौर पर शर्तों का उल्लंघन करने और प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जा चुके जंतर-मंतर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, CJP नेता अजिंक्य शिंदे की जमानत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को बुधवार सुबह दोबारा कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। तीनों को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। पुलिस का आरोप है कि CJP कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनधिकृत प्रवेश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने के लिए भरे गए मुचलके की शर्तें तोड़ने और लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने समेत विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया था।

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके ने बताया कि शनिवार को एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरे थे। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में CJP और अन्य संगठनों की ओर से लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इन प्रदर्शनों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दोनों की हिरासत पर सवाल उठाए। अभिजीत दीपके ने लिखा, “आशु और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनका कसूर क्या है? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना।” उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि अगर सरकार असहमति की आवाज को दबाने के लिए इतनी दृढ़ है, तो उसे कथित तौर पर कायरतापूर्ण तरीके अपनाने के बजाय आधिकारिक रूप से आपातकाल घोषित करने का साहस दिखाना चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए दीपके ने सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।

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