उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी किशोर बेटी के साथ युद्धपोत से दागी गई रणनीतिक क्रूज मिसाइलों के परीक्षण देखने पहुंचे। माना जा रहा है कि तानाशाह शासक अपनी बेटी को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर ट्रेनिंग देने की शुरुआत कर चुके हैं। सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि इस दौरान उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के जवाब में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी यानी कि KCNA द्वारा जारी की गई तस्वीरों में दोनों पिता-पुत्री एक कॉन्फ्रेंस रूप में बैठकर एक स्क्रीन पर मिसाइलों की लॉन्चिंग की पूरी कार्रवाई देख रहे थे।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपनी बेटी के साथ नौसेना युद्धपोत से दागी गई रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण देखा। इसे उनकी बेटी किम जू ए को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करने की शुरुआत माना जा रहा है।

साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी ने पिछले महीने कहा था कि किम जोंग उन जल्द ही अपनी बेटी को अपना उत्तराधिकारी घोषित करने वाले हैं। KCNA के मुताबिक, मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पश्चिमी तट के पास लक्ष्य वाले द्वीपों पर सटीक निशाना लगाने में कामयाब रहीं।

बता दें कि ये क्रूज मिसाइलें एक साल पुराने नौसेना डिस्ट्रॉयर ‘चोए ह्योन’ से छोड़ी गई थीं। KCNA ने बताया कि किम जोंग उन ने मंगलवार को वीडियो के जरिए इन मिसाइलों की लॉन्चिंग को देखा। उन्होंने कहा कि ‘शक्तिशाली और भरोसेमंद परमाणु युद्ध रोकथाम’ बनाए रखना बहुत जरूरी है।

KCNA की खबर में उनकी बेटी का नाम नहीं लिया गया, हालांकि उनका नाम किम जू ए बताया जाता है, और उनकी उम्र करीब 13 साल है। दिसंबर 2022 से वह अपने पिता के साथ सैन्य परेड और हथियार परीक्षण जैसे कई बड़े कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।

किम जोंग उन ने कहा कि इन परीक्षणों का मकसद नेवी की रणनीतिक ताकत को दिखाना और सैनिकों को हथियार चलाने का अभ्यास कराना था। बता दें कि पिछले हफ्ते किम जोंग उन ने खुद ‘चोए ह्योन’ युद्धपोत से इसी तरह के क्रूज मिसाइल परीक्षण देखे थे, लेकिन उस समय उनकी बेटी उनके साथ नहीं थीं।

मंगलवार को हुए इन मिसाइल परीक्षणों का समय भी खास है। ठीक उसी दिन अमेरिका और दक्षिण कोरिया के वसंतकालीन सैन्य अभ्यास शुरू हुए थे। ‘फ्रीडम शील्ड’ नाम का यह 11 दिन का अभ्यास सोमवार को शुरू हुआ था और ज्यादातर कंप्यूटर सिमुलेशन पर आधारित कमांड पोस्ट एक्सरसाइज है। उत्तर कोरिया इन्हें ‘आक्रमण का रिहर्सल’ मानता है। परीक्षणों से देता है।

बताते चले कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका और साउथ कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती देने पर ‘भयानक परिणाम’ होंगे और देश अपनी परमाणु व सैन्य शक्ति को लगातार मजबूत करता रहेगा।

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