पटना। फुलवारीशरीफ से जुड़े PFI मॉड्यूल की जांच के तहत NIA ने 2 जनवरी को किशनगंज में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने उत्तर पल्ली निवासी महफूज आलम और आफताब को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, दोनों को पहले ही पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के आधार पर NIA टीम उन्हें टाउन थाना लेकर पूछताछ के लिए लाई।
आफताब रिहा, महफूज से पूछताछ जारी
पूछताछ के बाद आफताब को छोड़ दिया गया, जबकि महफूज आलम से एजेंसी की पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि उसके नेटवर्क और संपर्को से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल NIA की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
PFI कनेक्शन की जांच
सूत्र बताते हैं कि महफूज आलम का नाम प्रतिबंधित संगठन PFI से जोड़ा जा रहा है। वह पहले संगठन से सक्रिय रूप से जुड़ा रहा है और उससे यह पता लगाया जा रहा है कि उसका फुलवारीशरीफ मॉड्यूल से कितना संपर्क था और किन लोगों के साथ उसका नेटवर्क सक्रिय था।
पुराना मामला और पूर्व गिरफ्तारियां
साल 2022 में फुलवारीशरीफ में PFI मॉड्यूल के खुलासे के बाद मामला पहले बिहार पुलिस और बाद में NIA को सौंपा गया था। जांच में आतंकी गतिविधियों, हथियार प्रशिक्षण और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा हुआ था। इसी केस में सितंबर 2025 में महबूब आलम नदवी को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें चार्जशीट में 19वां आरोपी बताया गया है। अब तक 17 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
2016–17 में PFI बिहार प्रमुख रह चुका आरोपी
महबूब आलम नदवी जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र और वर्ष 2016–17 में PFI के बिहार अध्यक्ष रह चुके हैं। एजेंसी को संदेह है कि वह गुप्त गतिविधियों और युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने में सक्रिय था। किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में NIA की छापेमारी जारी है।
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