किशनगंज। जिले में शुक्रवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में मां और उसकी पांच महीने की मासूम बेटी की मौत हो गई, जबकि महिला के पति गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा जिला मुख्यालय से सटे टेउसा पंचायत के ठऔआ पाड़ा झारबाड़ी गांव के पास हुआ, जहां दो बाइकों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क हादसे का विवरण और मृतकों की पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेउसा पंचायत के टेउसा पूरब टोला निवासी जुबेर आलम अपनी पत्नी सगुफ्ता प्रवीण (28) और पांच महीने की बेटी मारिया खातून के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान, जब वे टेउसा पंचायत के झारबाड़ी गांव के पास पहुंचे, तो सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर जा गिरे।
इस दुर्घटना में सगुफ्ता प्रवीण और उनकी पांच महीने की मासूम बेटी मारिया खातून की मौके पर ही या अस्पताल ले जाने के क्रम में दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहे जुबेर आलम गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। एक साथ घर के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों की मौके पर मौजूदगी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर जमा हो गए और पुलिस को दुर्घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खुसरो शिराज और ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और हादसे की वजहों की छानबीन शुरू की।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज सदर विधायक कमरूल हुदा भी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस दुख की घड़ी में हरसंभव मदद तथा साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। विधायक ने बताया कि यह दुर्घटना बाइक के अनियंत्रित होने और सामने से टक्कर होने के कारण हुई। वहीं, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद मोइनुद्दीन ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में मां-बेटी की जान चली गई।
परिजनों ने पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई से किया इनकार
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने जब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी चाही, तो पीड़ित परिवार ने अनोखा रुख अपनाया। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, परिवार ने किसी भी पक्ष के बाइक चालक के खिलाफ कोई मामला या केस दर्ज न कराने का भी फैसला लिया।
मृतका के ससुर नजीर हुसैन ने पुलिस को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया कि उनका परिवार इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता है। पुलिस ने परिवार की सहमति और आवेदन के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार बाइकों के नियंत्रण को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

