किशनगंज। जिले में गुरुवार की रात एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। कोचाधामन NH-327E पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रहे दो ट्रकों के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रक की पेट्रोल टंकी फट गई और इंजन में स्पार्क होने से देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। इस अग्निकांड में लहसुन लदे ट्रक के ड्राइवर और खलासी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों बीच सड़क पर जिंदा जल गए।

​10 मिनट तक गूंजती रही चीखें

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रक के अंदर से करीब 10 मिनट तक ‘बचाओ-बचाओ’ की चीखें सुनाई देती रहीं। लोग बेबस होकर तमाशा देखते रहे क्योंकि आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि पास जाना असंभव था। चीखें बंद होने के साथ ही दो जिंदगियां खाक हो गईं। मृतक उत्तर प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, दूसरे ट्रक के घायल चालक और खलासी को ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

​प्रशासन की लापरवाही पर आक्रोश

स्थानीय निवासियों का गुस्सा प्रशासन और दमकल विभाग पर फूट पड़ा है। आरोप है कि सूचना देने के एक घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। लोगों का कहना है कि यदि रेस्क्यू टीम समय पर आती, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने बताया कि NHAI द्वारा 3 किमी तक सड़क को ‘वन वे’ किए जाने के कारण यहां आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन बार-बार की शिकायतों के बावजूद कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल, पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रकों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।