Lifestyle Desk :- भारत में पान खाने का चलन काफी पुराना है। खाना खाने के बाद पान खाना हो या मेहमानों के स्वागत में पान परोसना, कई जगहों पर इसे परंपरा का हिस्सा माना जाता है। पान के पत्ते में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पान हर किसी के लिए फायदेमंद है। खासतौर पर जब पान में सुपारी, चूना, कत्था, तंबाकू या मीठी सामग्री मिलाई जाती है, तो इसका असर सेहत पर पड़ सकता है। ऐसे में पान खाने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है।आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

पान के पत्ते में क्या होता है?

पान के पत्ते में कई तरह के प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कुछ ऐसे यौगिक मौजूद होते हैं, जिन पर उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों को लेकर अध्ययन किए गए हैं। पारंपरिक रूप से पान के पत्ते का इस्तेमाल पाचन संबंधी परेशानियों में भी किया जाता रहा है। हालांकि, पान के पत्ते और तंबाकू या सुपारी वाले पान के प्रभाव अलग-अलग होते हैं। इसलिए केवल पान के पत्ते के गुणों के आधार पर पूरे पान को सेहतमंद मानना सही नहीं है।

इन लोगों को पान खाने से बचना चाहिए

मुंह में छाले या घाव होने पर, अगर आपके मुंह में छाले हैं या मसूड़ों में सूजन और घाव है, तो पान खाने से परेशानी बढ़ सकती है। खासकर चूना, सुपारी और मसाले वाले पान से मुंह की संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है। ऐसी स्थिति में पान खाने से बचना चाहिए।

एसिडिटी और पेट की समस्या से परेशान लोग

जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी, सीने में जलन या पेट में असहजता होती है, उन्हें पान खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। पान में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और खाने के बाद की प्रतिक्रिया कुछ लोगों में परेशानी बढ़ा सकती है। यदि पान खाने के बाद जलन या पेट में तकलीफ होती है, तो इसका सेवन बंद करना बेहतर है।

गर्भवती महिलाएं

गर्भावस्था के दौरान खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। तंबाकू और सुपारी वाले पान से गर्भवती महिलाओं को पूरी तरह बचना चाहिए। सुपारी का सेवन भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता। किसी भी हर्बल या औषधीय सामग्री का नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

हाई ब्लड प्रेशर और दिल के मरीज

अगर पान में तंबाकू या अन्य उत्तेजक सामग्री मिलाई गई है, तो इसका सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों को तंबाकू वाले पान से दूरी बनानी चाहिए। तंबाकू का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है।

मुंह और गले की समस्या वाले लोग

जिन लोगों को मुंह में सफेद या लाल धब्बे, लगातार जलन, निगलने में परेशानी या लंबे समय से घाव की समस्या है, उन्हें पान और सुपारी का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

क्या रोज पान खाना नुकसानदायक हो सकता है?

पान के नुकसान का सबसे बड़ा संबंध उसमें मिलाई जाने वाली सामग्री से है। सुपारी और तंबाकू का नियमित सेवन मुंह के कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम से जुड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) ने सुपारी को कैंसरकारी पदार्थों की श्रेणी में रखा है। यहां तक कि तंबाकू रहित सुपारी का सेवन भी मुंह के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।इसके अलावा, सुपारी चबाने से मुंह के अंदर की मांसपेशियों और ऊतकों पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक सेवन करने से ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें मुंह खोलने में परेशानी होने लगती है।

पान खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
1-तंबाकू और सुपारी वाले पान से पूरी तरह बचें।
2-पान को रोजाना खाने की आदत न बनाएं।
3-मुंह में छाले या घाव होने पर इसका सेवन न करें।
4-पान खाने के बाद मुंह की सफाई का ध्यान रखें।
5-मुंह में लगातार जलन, सफेद धब्बे या मुंह खोलने में परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
ध्यान रखें पान का पत्ता और तंबाकू-सुपारी वाला पान एक जैसी चीजें नहीं हैं। पान के पत्ते में कुछ प्राकृतिक गुण हो सकते हैं, लेकिन सुपारी और तंबाकू मिलाकर इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए स्वाद या परंपरा के नाम पर इसे नियमित रूप से खाने से बचना चाहिए।