Korba-Raigarh News Update : कोरबा। जिले में 15 नवंबर से शुरु हुई धान खरीदी 31 दिसंबर तक डेढ़ माह का समय का पूरा करने के बाद महज 12 लाख क्विंटल की ही धान खरीदी की जा सकी है सिर्फ 19 दिन शेष बचे हैं और लक्ष्य है 30 लाख क्विंटल खरीदी का जिसे पार पाना कठिन लगने लगा है। खरीदी के लिए नये नियमों ने किसानों को ऐसा उलझाया कि उनका आधा समय पंजीयन कराने में बीत गया।

Bilaspur News Update

धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन काटने वाली नये नियमों ने ऐसे उलझाया है कि किसान परेशान हो गए हैं। खरीदी के लिए लिमिट नहीं बढ़ाना तथा एग्रोटेक पोर्टल में पंजीयन कराना किसानों के सामने एक बड़ी समस्या के रुप में आया है। 31 दिसंबर की तिथि तक जिले में महज 12 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। समितियों के द्वारा खरीदी को लेकर पूरी सजगता बरती जा रही है। जिन किसानों का पंजीयन हुआ है उनसे ही धान खरीदा जा रहा है। किसानों फाइल फोले को बार बार एग्रोटेक पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए समिति का चक्कर काटना मुश्किल भरा कदम हो गया था। सरकार ने राहत जरुर दी है किंतु यह राहत भी न के बराबर रही। कहीं गिरदावारी के दौरान रकबा कम कर दिया गया तो कहीं किसानों के पूरे खसरे का पंजीयन नहीं हुआ। ऐसी तमाम पेचिदिगियों के बाद भी 52 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है उस दृष्टि से अब तक 20 प्रतिशत किसान ही धान बेच सके हैं शेष किसानों के सामने टोकन नहीं कटने की समस्या खड़ी हो गई है।

शनिवार व रविवार नहीं होती खरीदी

शनिवार और रविवार को धान की खरीदी उपार्जन केंद्रों में नहीं होती है। उस हिसाब से जनवरी में केवल 19 दिन ही खरीदी होगी। 31 जनवरी तक सरकार धान खरीदेगी। इस 19 दिन की अवधी में किसानों के सामने अपना धान बेचने के लिए पंजीयन कराना एक बड़ी चुनौती होगी। जिसके लिए किसान पंजीयन कराने के लिए अभी भी प्रयासरत है। सरकार ने ऑनलाइन टोकन काटने की जो सुविधा तो दी है लेकिन वह सुविधा भी खरीदी की लिमिट के आगे सीमित रह गई है। परेशान किसान अभी भी टोकन कटाने में उलझे हुए हैं।

कुसमुंडा-कोरबा मार्ग पर छाया रहता है अंधेरा

कोरबा। कोरबा-कुसमुंडा मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था का अभाव हादसे की वजह बन रहा है। अंधेरे के कारण आए दिन मार्ग पर हादसे हो रहे हैं। साल के पहले दिन ही मार्ग किनारे खडी ट्रेलर से बाइक सवार टकरा गए।

गुरुवार की देर शाम कोरबा से कुसमुंडा की ओर जा रहे बाइक क्रमांक सीजी 12 पीबी 2413 सवार दो युवक खमरिया मोड के पास पेट्रोल टंकी से पहले सड़क किनारे खड़ी एक ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 बीएन 1833 से सीधे जा टकराए। टक्कर के बाद दोनों औंधे मुंह सड़क पर पड़े रहे। बीते लगभग 5 वर्षों से फोरलेन निर्माण की वजह से हटाए गए स्ट्रीट लाइट के नहीं होने की वजह से घायल किसी को नजर नहीं आ रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक कोरबा से कुसमुंडा की ओर आ रहे थे। उनकी कार्पियों को तेज रोशनी में सड़क किनारे कुछ सामान बिखरा हुआ नजर आया। वे एके, सड़क किनारे क्षतिग्रस्त बाइक और ट्रेलर के पीछे पड़े दोनों युवकों पर उनकी नजर पड़ी। युवकों को देखा तो दोनों के सिर पर गंभीर चोट लगी हुई थी। इसके अलावा उनके हाथ पैर भी चोट लगी थी। युवकों ने तत्काल कुसमुंडा पुलिस और एसईसीएल के विभागीय एंबुलेस को इसकी सूचना दी।मानवता का परिचय देते हुए वार्ड 22 के पार्षद पति देव साहू, रूपेश राजपूत, अश्वनी, गौरव सिंह और आशीष मौके पर ही मौजूद रहे। कुछ देर पश्चात एंबुलेस पहुंची। युवाओं ने दोनों घायलों को उठाकर एंबुलेंस से विकास नगर स्थित अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने जांच उपरांत उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।

चरित्र शंका पर धारदार हथियार से काटा पत्नी का गला

रायगढ़। जुटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चरित्र शंका पर पति ने धारदार हथियार से अपनी पत्नी का गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार पुसौर के नवापारा का रहने वाला सेतु चौहान 34 पिछले कुछ समय से पत्नी निशा चौहान 30 साल और दो बच्चों के साथ चमड़ा गोदाम में किराए के मकान में रह रहा था। उसे पत्नी पर चरित्र संदेह था। इसे लेकर दोनों के बीच कई बार बहस होती थी। 1 जनवरी 2026 की रात दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ। इसके बाद रात करीब 8 बजे सेतु पत्नी को सांगीतराई से बनसिया रोड पर लेकर गया और वहां उसके गर्दन पर लोहे के कत्ते से हमला कर दिया। निशा खून से लथपथ होकर गिर गई और मौके पर उसकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर सेतु जूटमिल थाना पहुंचा और मामले की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खून से सनी हई निशा की लाश पड़ी हुई थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजवाया। बताया जा रहा है कि सेतु को जेल कॉम्पलेक्स क्षेत्र में रहने वाले किसी युवक के साथ पत्नी का अफेयर होने का संदेह था। जिसके कारण उसने घटना को अंजाम दिया।

21 क्विंटल के बजाए 16 क्विंटल खरीदे जा रहे थे धान, किसानों ने सड़क पर चक्काजाम कर किया प्रदर्शन

रायगढ़। घरघोड़ा तहसील के अंतर्गत कुडुमकेला धान खरीदी केन्द्र में 21 क्विंटल के बजाए 16 क्विंटल धान खरीदे जाने के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने सड़क पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए नियमानुसार धान खरीदी करने की मांग की।

जानकारी के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में किसान मंडी परिसर के सामने एकत्र होकर नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान किसानों ने स्पष्ट रूप से मांग करते हुए कहा कि शासन के नियमानुसार प्रत्येक किसान से 21 क्विंटल धान की खरीदी करनी है, मगर यहां प्रत्येक किसानों से 16 क्विंटल धान की ही खरीदी की जा रही है। आंदोलनरत किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 50 से अधिक ट्रैक्टरों में धान भरकर मंडी परिसर एवं मुख्य सड़क पर खड़ा कर दिया। जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। चक्का जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घरघोड़ा नायब तहसीलदार सहोदर राम पैंकरा मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया। काफी समझाइश के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया।