रिपोर्ट- अमित श्रीवास्तव
कोरिया। जिले के जनकपुर विकास खंड के खमरौध गांव में रहने वाला दिव्यांग युवक  रणजीत सिंह सब कुछ कर सकता है लेकिन स्वाभिमान इतना कि दूसरो  के सामने कभी हाथ नहीं फैला सकता । यही वजह है कि दोनों आँखों से दिखाई नहीं देने के बावजूद वह अकेले ही जन दर्शन पहुँच  गया। युवक ने कलेक्टर से मिलकर अपने लिए नौकरी  की मांग  की।
खमरौध में रहने वाला रणजीत सिंह जन्म से ही दिव्यांग है उसे दोनों आँखों से बिलकुल भी दिखाई नहीं देता। इतना होने के बाद  भी उसने हौसला  नहीं खोया. इंदौर जाकर उसने दिव्यांग स्कूल से बारहवीं की परीक्षा पास की. इस बीच माँ के गुजर जाने के बाद उसे बीच में ही पढाई  छोड़नी पड़ी. अब घर में अकेला बेटा होने के कारण घर में रहना उसकी मज़बूरी बन गई. घर में बुजुर्ग पिता के लिए खाना बनाने का काम भी उसे खुद ही करना पड़ता है. लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। वह चाहता है की उसे कोई काम मिल जाए जिससे वह स्वाभिमान से गुजर बसर  कर सके।