विकास कुमार, सहरसा। कोसी क्षेत्र के सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में चलाए जा रहे बहुचर्चित ‘नशा मुक्त कोसी अभियान’ के तहत पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) कोसी क्षेत्र, कुमार आशीष के कुशल निर्देशन में संचालित इस अभियान को स्थानीय नागरिकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।
एक सप्ताह में 92 धंधेबाज गिरफ्तार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 19 से 25 सितंबर तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 92 तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है। इनमें अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 77 और सूखा नशा (ड्रग्स) के मामलों में 15 आरोपित शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं, जिनमें:
- 1348.86 लीटर अवैध शराब
- 32.105 किलोग्राम गांजा
- 394.24 ग्राम स्मैक
- 895.6 लीटर अवैध कफ सिरप शामिल है।
इसके अलावा, तस्करी में प्रयुक्त 11 मोटरसाइकिल, 1 तीनपहिया वाहन, 2 चारपहिया वाहन, 3 मोबाइल फोन, 2 पासबुक और 2 लाख 11 हजार 580 रुपये नगद भी बरामद किए गए हैं।
फरवरी से अब तक 2132 तस्कर गिरफ्तार
फरवरी 2026 में इस अभियान के आगाज के बाद से अब तक कोसी क्षेत्र में नशा कारोबारियों के खिलाफ व्यापक और निर्णायक अभियान चलाया गया है। इस अवधि के दौरान पुलिस ने कुल 2132 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
इस दौरान कुल बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:
- शराब और कफ सिरप: 71,219.455 लीटर अवैध शराब और 4313.57 लीटर कफ सिरप।
- ड्रग्स: 6,468.205 किलोग्राम गांजा और 8,062.222 ग्राम स्मैक।
- नशीली दवाएं व हथियार: 12,734 एमएल नशीला इंजेक्शन, 325 अद्धा नशीली टैबलेट, 2 विदेश निर्मित पिस्टल, 1 अन्य पिस्टल, 6 देशी कट्टा, 1 देशी मस्केट, 3 मैगजीन और 38 कारतूस।
- अन्य जब्ती: 90 मोबाइल, 31 चारपहिया वाहन, 1 नाव, 1 ट्रक, लोहे की एक भट्ठी, 4 इलेक्ट्रिक तराजू, 61,62,682 रुपये भारतीय मुद्रा और 27,570 रुपये नेपाली मुद्रा।
हेल्पलाइन नंबर पर दें गुप्त सूचना
डीआईजी कुमार आशीष ने क्षेत्र के आम नागरिकों से ‘नशा मुक्त कोसी अभियान’ में खुलकर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी जानकारी सीधे हेल्पलाइन नंबर परकॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के माध्यम से दी जा सकती है।
सूचना देने वाले व्यक्ति तस्कर का नाम, पता, ठिकाना और संभव हो तो फोटो या वीडियो साझा कर सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही, जिन सूचनाओं से तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता मिलेगी, उन्हें डीआईजी कोसी क्षेत्र द्वारा उचित पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा।


