विजय कुमार, जमुई। कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान की तारीख को लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने भारतीय चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। जमुई में अपने प्रत्याशी रजनीश कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचे प्रशांत किशोर ने मतदान के दिन को लेकर आयोग की मंशा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शुक्रवार को मतदान की तारीख पर जताई कड़ी आपत्ति
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर पहले की तरह स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदान रविवार को कराने के बजाय इस बार शुक्रवार का दिन क्यों चुना गया? उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण हजारों मुस्लिम शिक्षक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित रह जाएंगे। PK के मुताबिक, यह कोई अनजाने में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि सोचे-समझे तरीके से की गई कार्रवाई है जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
शिक्षक ही इस चुनाव का आधार हैं
प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि इस चुनाव का मुख्य आधार शिक्षक ही हैं। जब इतने बड़े पैमाने पर शिक्षक नमाज के चलते वोट देने से छूट जाएंगे, तो यह सीधे तौर पर एकतरफा स्थिति पैदा करता है। उन्होंने आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि एक निष्पक्ष संस्था को चुनाव की तारीख तय करने से पहले हर वर्ग और समुदाय की सहूलियत का ध्यान रखना चाहिए था।



चुनावी प्रक्रिया और कार्यप्रणाली पर गहराता सवाल
प्रशांत किशोर का हमला केवल मतदान के दिन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बांकीपुर में महज 28 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्तिगत अधिकारी का नहीं है, बल्कि वर्तमान में जिस तरीके से फैसले लिए जा रहे हैं, उससे पूरी चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई है।

