अतीश दीपंकर, भागलपुर। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर अचानक उस समय तनाव पैदा हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। घटना नगर के कृषि भवन स्थित मतदान केंद्र की है, जहां एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा। आरोप है कि वह मतदान केंद्र के भीतर और आसपास मतदाताओं को अपने पति की तस्वीर और चुनाव चिह्न वाली डायरी बांट रही थीं। जन सुराज समर्थकों द्वारा इसका कड़ा विरोध किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए पूरे मतदान परिसर में अफरा-तफरी और राजनीतिक गहमागहमी का माहौल बन गया।
डायरी बांटने का आरोप और मतदान केंद्र पर बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों और जन सुराज समर्थकों के अनुसार, मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चल रही थी। इसी बीच एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव कृषि भवन स्थित पोलिंग बूथ पर पहुंचीं। आरोप है कि वह मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से एक विशेष डायरी वितरित कर रही थीं, जिस पर प्रत्याशी की तस्वीर और प्रचार सामग्री छपी हुई थी। जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने इसे आचार संहिता का सीधा उल्लंघन बताते हुए तुरंत रोक दिया और विरोध दर्ज कराया। विरोध देखते ही बीजेपी समर्थक भी मैदान में आ गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी और कहासुनी हुई, जिससे कुछ समय के लिए मतदान केंद्र पर तनाव चरम पर पहुंच गया।


सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से शांत हुआ मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए मतदान केंद्र पर तैनात सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के नेताओं और समर्थकों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाया। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं को बूथ परिसर से बाहर खदेड़ा गया। सुरक्षा बलों की तत्परता और मुस्तैदी के कारण मामला और अधिक बिगड़ने से बच गया। स्थिति सामान्य होने के बाद मतदान प्रक्रिया को पुनः सुचारू रूप से शुरू कराया गया, जिसके बाद मतदाताओं ने राहत की सांस ली।
बीना यादव का पलटवार
दूसरी ओर, आरोपों का खंडन करते हुए डॉ. एनके यादव की पत्नी बीना यादव ने विपक्षी दल जन सुराज पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि विपक्ष अपनी निश्चित हार देखकर पूरी तरह बौखला गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठी अफवाहें फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश रची जा रही है। बहरहाल, इस घटनाक्रम ने कोसी स्नातक चुनाव के दौरान भागलपुर के राजनीतिक माहौल में खासी गरमा-गर्मी पैदा कर दी है।

